जेवलिन थ्रोअर खेल और प्रोफेशनल कलाकारी में उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए होंगे पुरस्कृत ।
सूरज रोहिला /भारत नमन । उत्तर प्रदेश के जिला बागपत के गोरीपुर जवाहर नगर निवासी अंतराष्ट्रीय जेवलिन थ्रोअर खिलाड़ी और प्रोफेशनल कलाकार अमित कटारिया को इंडियन इस्लामिक कल्चर सेंटर ऑफ इंडिया लोधी एस्टेट, नई दिल्ली में आयोजित सम्मान समारोह में दादा साहब फाल्के पुरस्कार 2023 से सम्मानित किया जाएगा ।
इससे पहले भी अमित कटारिया को उनके द्वारा किए गए समाज हित के कार्यों एवं खेलों में बेहतर प्रदर्शन के लिए कई अवार्ड मिल चुके हैं। अमित ने बताया कि सम्मान समारोह का आयोजन आयोजक कल्याण जी जाना की देखरेख में दादा साहब फालके आइकन्स अवार्ड फिल्म ऑर्गेनाइजेशन की ओर से कराया जाएगा जिसमें देशभर के अभिनेताओं, गायकों, पत्रकारों, खिलाड़ियों, समाजसेवियों, लेखकों, नेताओं इत्यादि को दादा साहब फाल्के पुरस्कार 2023 से सम्मानित किया जाएगा ।
अमित ने कहा ऐसे ऐसे मान सम्मान मुझे निरंतर आगे बढ़ने को प्रेरित करते हैं जिससे देश के लिए कुछ कर गुजरने की इच्छा जागृत होती है ।
बता दें की अमित देश भगत विश्वविद्यालय पंजाब से एक पेशेवर कलाकार ( एमएफए ) के रूप में अध्ययन कर रहे हैं और स्कूल के समय से ही खेलों में अपनी रुचि दिखा रहे हैं । मैडम ज्योति विद्याज्ञान स्कूल बुलंदशहर से स्पोर्ट्स अध्यापिका इनकी कोच हैं वे अमित की पढ़ाई के साथ जेवलिन थ्रो टेक्निक्स और बेसिक्स सिखाती हैं, अमित कटारिया ने भारत-नेपाल के पोखरा स्टेडियम में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर जेवलिन थ्रो में पहला गोल्ड मेडलिस्ट बनकर भारत को गौरवान्वित किया है । अपने माता-पिता के साथ-साथ उन्होंने अपने गाँव गोरीपुर, जवाहर नगर, बागपत (उत्तर प्रदेश) और पूरे भारत का नाम रोशन किया । परिवार के सदस्यों, रिश्तेदारों और गांव के मुखिया ने अमित कटारिया का हौसला बढ़ाया और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की । अन्य कौशल और उपलब्धियां उन्होंने अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर भारत का प्रतिनिधित्व करते हुए स्वर्ण पदक जीता ।
अमित एक अंतरराष्ट्रीय चैम्पियनशिप और पांच बार के राष्ट्रीय विजेता हैं । उन्होंने कई पेंटिंग प्रतियोगिता और प्रदर्शनियों में भी भाग लिया ।
अंतर्राष्ट्रीय स्तर, विश्वविद्यालय स्तर गोल्ड मैडलिस्ट और राष्ट्रीय स्तर सिल्वर मैडलिस्ट भी रह चुके हैं ।
उन्होंने प्लेपोनिक्स लैब फोर लिविंग, शैफील्ड हल्लाम यूनिवर्सिटी, लंदन के साथ भी काम किया है और टीई आर आई (ऊर्जा और संसाधन संस्थान) में विद्याज्ञान स्कूल से वे टी.जी.ई.एल.एफ दिल्ली में नेतृत्व कौशल और प्रेरणा कौशल के लिए भी गए । वह टी.आई.सी.ओ.एन चंडीगढ़ में सामान्य उद्यमिता के ज्ञान से भी जुड़े हुए हैं ।
अमित लगातार कड़ी मेहनत कर रहे हैं ताकि ये बेहतर प्रदर्शन के लिए देश के लिए पदक ला सके और गांव और जिले सहित उत्तर प्रदेश राज्य का नाम रोशन कर सके । अंत में अमित ने कहा मुझे विश्वास है कि मेरी मेहनत जरूर रंग लाएगी और नेपाल में भारत का तिरंगा झंडा अवश्य लहरायेगी ।
अमित का दादा साहब फाल्के पुरस्कार 2023 के लिए चयन होने पर उनके परिवार व समर्थकों में खुशी की लहर है ।
