चमोली। उत्तराखंड तुंगनाथ और चोपता क्षेत्र को कूड़े और प्लास्टिक से मुक्त बनाने के लिए वन विभाग ने पहल तेज कर दी है। वन विभाग के अनुसार, अब तक इस क्षेत्र से करीब पांच हजार किलोग्राम कूड़ा एकत्र किया जा चुका है। केदारनाथ वन्यजीव प्रभाग की ओर से क्षेत्र में स्वच्छता अभियान चलाए जाएंगे। श्रद्धालुओं और पर्यटकों के प्लास्टिक लेकर आने पर रोक लगाने की योजना भी तैयार की जा रही है।
पर्यटकों की बढ़ती आवाजाही के साथ क्षेत्र में कूड़े की समस्या भी सामने आई है। इसे देखते हुए वन विभाग ने प्राकृतिक सुंदरता और पर्यावरण को सुरक्षित रखने के लिए स्वच्छता अभियान को व्यापक स्तर पर चलाने का निर्णय लिया है। स्थानीय लोगों और स्वयं सहायता समूहों को भी शामिल किया जा रहा है। जागरूकता रैलियां निकाली जा रही हैं और विभिन्न स्थानों पर साइन बोर्ड लगाए जा रहे हैं, ताकि पर्यटक कूड़ा फैलाने से बचें और पर्यावरण संरक्षण में सहयोग करें।
केदारनाथ वन्यजीव प्रभाग के डीएफओ रजत सुमन के मुताबिक, तुंगनाथ और चोपता क्षेत्र में लगातार सफाई अभियान चलाए जा रहे हैं। प्लास्टिक के इस्तेमाल पर रोक लगाने की व्यवस्था पर काम किया जा रहा है।
इस पहल का उद्देश्य तुंगनाथ और चोपता की प्राकृतिक सुंदरता को बनाए रखना, कूड़े की समस्या को कम करना और आने वाले पर्यटकों को स्वच्छ पर्यटन के प्रति जागरूक करना है।