देहरादून। उत्तराखंड सरकार ने ग्रामीण क्षेत्रों में बैंकिंग सुविधाओं को मजबूत करने के लिए बड़ा फैसला भी लिया है। सहकारिता मंत्री धन सिंह रावत ने बताया कि प्रदेश में जिला सहकारी बैंकों की 34 नई शाखाएं खोली जाएंगी। इन शाखाओं के लिए विभाग ने प्रस्तावों को मंजूरी दे दी है और अब भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) की अनुमति मिलते ही इनका संचालन भी शुरू कर दिया जाएगा।
मंत्री ने बताया कि विभाग को विभिन्न जिलों से कुल 41 प्रस्ताव प्राप्त हुए थे, जिनमें से 34 प्रस्ताव स्वीकृत किए गए हैं, जबकि 7 प्रस्ताव अपूर्ण पाए गए। हरिद्वार के 5 प्रस्तावों को आवश्यक संशोधन के बाद दोबारा प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं।
नई शाखाएं अल्मोड़ा, देहरादून, पौड़ी गढ़वाल, नैनीताल, पिथौरागढ़, टिहरी, ऊधमसिंह नगर, उत्तरकाशी व चमोली सहित कई जिलों में खोली जाएंगी। इनमें छिद्दरवाला, त्यूनी, भाऊवाला, मालदेवता, आईटी पार्क सहस्त्रधारा, ज्योलीकोट, कुसुमखेड़ा, पंतनगर, सांकरी, धनोल्टी, लंगासू व नगरासू जैसे क्षेत्रों को शामिल किया गया है।
धन सिंह रावत ने कहा कि वर्तमान में प्रदेश में जिला सहकारी बैंकों की 315 शाखाएं संचालित हैं। नई शाखाओं के खुलने से किसानों, महिलाओं, स्वयं सहायता समूहों, छोटे उद्यमियों व ग्रामीण उपभोक्ताओं को उनके नजदीक आधुनिक बैंकिंग सुविधाएं मिलेंगी। इससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलने के साथ सहकारिता आंदोलन को भी बढ़ावा भी मिलेगा।
उन्होंने बताया कि सभी स्वीकृत प्रस्ताव भारतीय रिजर्व बैंक को भेज दिए गए हैं। आरबीआई से मंजूरी मिलते ही नई शाखाओं का संचालन भी शुरू कर दिया जाएगा, जिससे प्रदेश के दूरस्थ व सीमांत क्षेत्रों में बैंकिंग सेवाओं की पहुंच और बेहतर भी होगी।