देहरादून/मसूरी: रविवार को मसूरी और चकराता में हुई बर्फबारी के बाद पहाड़ी पर्यटन स्थलों पर सैलानियों की चहल-पहल बढ़ गई। मसूरी में बारिश के साथ हल्की बर्फबारी होने से ठंड में इजाफा हुआ, जबकि धनोल्टी और बुरांशखंडा में बर्फ की सफेद चादर बिछ गई। बर्फबारी से स्थानीय लोगों और पर्यटकों के चेहरे खिल उठे।
हालांकि खराब मौसम का असर जनजीवन पर भी पड़ा। बुरांशखंडा क्षेत्र में करीब दस घंटे तक बिजली आपूर्ति बाधित रही। इसके बावजूद पर्यटकों ने बर्फबारी का जमकर आनंद लिया।
उधर, चकराता के ऊंचाई वाले इलाकों में सीजन की चौथी बर्फबारी दर्ज की गई। आसमान से गिरती बर्फ की फुहारों का क्षेत्र में मौजूद पर्यटकों ने खूब लुत्फ उठाया। बर्फबारी की सूचना मिलते ही आसपास के शहरों और अन्य राज्यों से बड़ी संख्या में सैलानी चकराता की ओर रवाना होने लगे हैं।
मसूरी होटल एसोसिएशन से जुड़े होटल जीएम विनोद कुदेसिया ने बताया कि बर्फबारी के बाद बड़ी संख्या में पर्यटक धनोल्टी और कद्दूखाल पहुंचे और प्राकृतिक नजारों का आनंद लिया।
धनोल्टी में बर्फबारी के बाद शीतलहर का प्रकोप बढ़ गया है और तापमान में गिरावट दर्ज की गई है। स्थानीय निवासी कुलदीप नेगी ने बताया कि बर्फबारी से जहां ठंड बढ़ी है, वहीं यह पर्यटन के साथ-साथ किसानों के लिए भी लाभकारी साबित होगी।
चकराता क्षेत्र के लौहारी, लोखंडी, आसमाड़, देवबन, दुरानी, कावतालानी, कशमोई डांडा और मोईला टॉप समेत कई ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी हुई। पिछले दो दिनों से मौसम खराब और बूंदाबांदी के चलते स्थानीय लोगों को पहले से ही बर्फबारी की संभावना थी, इसी कारण ऊंचाई वाले क्षेत्रों में पहले से ही बड़ी संख्या में पर्यटक मौजूद थे।