उत्तराखंड में मतदाता सूची पुनरीक्षण के लिए नई व्यवस्था: बीएलओ के साथ अब बीएजी भी करेगा मैदान में काम, 10 दिसंबर तक गठन के निर्देश

देहरादून। उत्तराखंड में आगामी विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) अभियान को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए चुनाव आयोग ने नई व्यवस्था भी लागू कर दी है। इसके तहत अब बूथ लेवल ऑफिसर (BLO) के साथ बूथ लेवल अवेयरनेस ग्रुप (BAG) भी सक्रिय रूप से काम भी करेगा। मुख्य निर्वाचन अधिकारी डॉ. बीवीआरसी पुरुषोत्तम ने सभी जिलाधिकारियों को 10 दिसंबर तक सभी मतदान केंद्रों पर बीएजी का गठन पूरा करने के निर्देश भी जारी किए हैं।

चुनाव आयोग के नियमों के अनुसार, एसआईआर को सुव्यवस्थित तरीके से संचालित करने के लिए बीएजी का गठन अनिवार्य भी किया गया है।

बीएजी में शामिल होंगे ये सदस्य:

  • बीएलओ सुपरवाइजर — समूह के अध्यक्ष
  • संबंधित मतदेय स्थल का बीएलओ — सदस्य सचिव
  • संबंधित क्षेत्र का ग्राम पंचायत विकास अधिकारी/ग्राम विकास अधिकारी/मनरेगा कार्मिक या अन्य सरकारी कर्मचारी — सदस्य
  • मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के विधिवत नियुक्त बूथ लेवल एजेंट (BLA) — सदस्य

एसआईआर प्रक्रिया के दौरान बीएजी के सदस्य BLO के साथ स्वयंसेवक के रूप में काम भी करेंगे।

क्या होगा बीएजी का मुख्य दायित्व?

एसआईआर के दौरान यदि किसी मतदाता का गणना फॉर्म वापस ही नहीं मिलता है, तो बीएजी क्षेत्र में जाकर निकटवर्ती मतदाताओं से पूछताछ भी करेगा।
वे संभावित कारणों—

  • अनुपस्थिति
  • स्थान परिवर्तन
  • मृत्यु
  • डुप्लीकेट नाम

—की पहचान कर उनकी सूची भी तैयार करेंगे।

बीएजी की इस कार्यप्रणाली से BLO को मतदाता सूची पुनरीक्षण प्रक्रिया को समय पर व सटीक रूप से पूरा करने में बड़ी सहायता मिलेगी।

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