देहरादून : राज्य कर विभाग के विशेष प्रवर्तन अभियान के तहत शुक्रवार को जीएसटी बकाया वसूली में बड़ी सफलता मिली। विभिन्न व्यापारियों से कुल 1.40 करोड़ रुपये की बकाया जीएसटी राशि जमा कराई गई है। साथ ही, अनुपालन न करने पर विभाग ने 45 व्यापारियों के जीएसटी पंजीकरण को निलंबित कर दिया है।
विभागीय अधिकारियों के अनुसार, लंबे समय से रिटर्न दाखिल न करने और बकाया भुगतान में टालमटोल कर रहे व्यापारियों पर शिकंजा कसते हुए अब तक 317 रिटर्न डिफॉल्टर और 2957 बकायेदार व्यापारियों का पंजीकरण निलंबित किया जा चुका है।
प्रवर्तन इकाइयों की सख्त कार्रवाई
अभियान के तहत प्रवर्तन इकाइयों ने 76 मालवाहक वाहनों की जांच की और 2.12 करोड़ रुपये की बकाया राशि वसूल की है। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि इस अभियान का उद्देश्य न केवल बकाया की वसूली करना है, बल्कि कर चोरी पर अंकुश लगाना भी है।
ब्याज और अर्थदंड माफी योजना को मिल रहा अच्छा रिस्पॉन्स
विभाग द्वारा चलाई जा रही जीएसटी ब्याज एवं अर्थदंड माफी योजना के तहत अब तक 3731 व्यापारियों ने लाभ लेने के लिए आवेदन किया है। इन व्यापारियों ने मिलाकर कुल 80.62 करोड़ रुपये जमा कराए हैं, जो विभाग के अनुसार एक सकारात्मक संकेत है।
राज्य कर विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों ने कहा कि यह अभियान आगे भी सख्ती से जारी रहेगा और समय पर टैक्स जमा न करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। साथ ही, व्यापारियों से अपील की गई है कि वे स्वेच्छा से अपने बकाया का भुगतान कर विभाग की योजनाओं का लाभ उठाएं।