वक्फ संशोधन विधेयक पर हरीश रावत की प्रतिक्रिया: “भा.ज.पा. का ध्रुवीकरण एजेंडा”

आज लोकसभा में वक्फ संशोधन विधेयक 2024 पेश किया जाएगा, जिसके बाद उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस नेता हरीश रावत ने इस पर अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त की। उन्होंने कहा कि जब पहले वक्फ संशोधन विधेयक में बदलाव किए गए थे, तब इस पर कई सवाल उठाए गए थे, जिनका समाधान उन्होंने चर्चा के माध्यम से किया था।

हरीश रावत ने कहा, “तब हम ने इन सवालों का समाधान किया था, लेकिन वर्तमान सरकार समाधान की दिशा में काम नहीं कर रही है।” रावत ने आरोप लगाया कि यह विधेयक भा.ज.पा. के ध्रुवीकरण के एजेंडे का हिस्सा प्रतीत हो रहा है, जिससे मुसलमानों के धार्मिक मामलों में सरकार का हस्तक्षेप बढ़ सकता है।

पूर्व मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि वक्फ संपत्तियों को लेकर यह संशोधन विधेयक राजनीतिक लाभ लेने का प्रयास है और इसके माध्यम से सरकार एक विशेष समुदाय के खिलाफ नफरत और ध्रुवीकरण को बढ़ावा दे सकती है।

वहीं, उन्होंने कहा कि यदि सरकार वक्फ संपत्तियों के प्रबंधन में सुधार लाना चाहती है, तो उसे इस मुद्दे को सुलझाने के लिए पहले से चली आ रही समस्याओं पर विचार करना चाहिए और सभी पक्षों को समान अधिकार देना चाहिए।

हरीश रावत का यह बयान इस विधेयक को लेकर विपक्षी दलों की चिंता को और बढ़ाता है, जिसमें वे सरकार के धार्मिक मामलों में हस्तक्षेप को लेकर सवाल उठा रहे हैं। अब देखना यह है कि लोकसभा में इस विधेयक पर क्या बहस होती है और क्या सरकार इसे अपनी मंजूरी के लिए पारित करा पाती है।

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