केदारनाथ यात्रा 2025: हर घंटे 2200 श्रद्धालुओं को दर्शन की सुविधा, कोई भी भक्त बाबा केदार के दर्शन से वंचित न रहे — मंदिर समिति की तैयारी जोरों पर

देहरादून/केदारनाथ | इस वर्ष केदारनाथ धाम यात्रा को और अधिक व्यवस्थित तथा भक्तों के लिए सुगम बनाने के लिए श्रीबदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति (बीकेटीसी) ने तैयारियों में तेजी ला दी है। समिति का उद्देश्य स्पष्ट है—कोई भी श्रद्धालु बिना दर्शन के वापस न लौटे। इसके लिए कपाट खुलने के दिन यानी 2 मई से लेकर यात्रा समापन तक प्रति घंटे 2000 से 2200 श्रद्धालुओं को बाबा केदार के दर्शन कराए जाएंगे।

12 घंटे दर्शन, 26,000 श्रद्धालुओं की योजना

बीकेटीसी के मुख्य कार्याधिकारी विजय प्रसाद थपलियाल के अनुसार, यदि मंदिर प्रतिदिन 12 घंटे खुला रहता है तो प्रतिदिन 24,000 से 26,000 श्रद्धालु बाबा केदार के दर्शन कर सकेंगे। मौसम और यात्रियों की संख्या के आधार पर इस संख्या को कम या अधिक भी किया जा सकता है।

“हमारा लक्ष्य है कि कोई श्रद्धालु बिना दर्शन के न लौटे। हर घंटे 2200 श्रद्धालुओं को दर्शन कराने की कार्ययोजना तैयार है।”
– विजय प्रसाद थपलियाल, मुख्य कार्याधिकारी, बीकेटीसी
बर्फ हटाने का काम शुरू, टीम केदारनाथ रवाना
यात्रा शुरू होने से पहले गौरीकुंड-केदारनाथ पैदल मार्ग पर बर्फ हटाने का कार्य लोक निर्माण विभाग द्वारा शुरू कर दिया गया है। वहीं बीकेटीसी की टीम, मुख्य कार्याधिकारी की अगुवाई में श्रीबदरीनाथ धाम पहुंच चुकी है और जल्द ही केदारनाथ जाकर व्यवस्थाओं की समीक्षा करेगी।
पिछले वर्ष बना था रिकॉर्ड

• 2024 में कपाट खुलने के दिन: 29,000 से अधिक श्रद्धालु
• 28 मई को: 38,602 श्रद्धालुओं ने दर्शन किए, जो अब तक का रिकॉर्ड है
इस बार मंदिर समिति ऑनलाइन और ऑफलाइन पूजाओं को भी रात में आयोजित करने की योजना बना रही है ताकि भक्तों को अधिक विकल्प और समय मिल सके।

योजना की मुख्य बातें

• 2 मई से यात्रा आरंभ
• हर घंटे 2000-2200 श्रद्धालुओं को दर्शन की सुविधा
• प्रत्येक दिन 24,000 से अधिक श्रद्धालुओं के दर्शन की संभावना
• पूरी यात्रा की मॉनीटरिंग और जिम्मेदारियों का स्पष्ट निर्धारण
• ऑनलाइन-ऑफलाइन पूजाओं का रात्रिकालीन आयोजन
• बर्फ हटाने और ट्रैक साफ करने का कार्य प्रगति पर

2025 की केदारनाथ यात्रा को लेकर सरकार और मंदिर समिति दोनों ही श्रद्धालु हितों को सर्वोपरि मानकर कार्य कर रही हैं। इस बार की यात्रा रिकॉर्ड संख्या में दर्शन कराने की दिशा में एक बड़ा कदम साबित हो सकती है।
भक्तों से भी अनुरोध किया गया है कि वे ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन, स्वास्थ्य जांच और यात्रा गाइडलाइंस का पालन करें, ताकि यात्रा सुरक्षित और स्मरणीय बन सके।

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