उत्तराखंड में प्रधानमंत्री सूर्या घर योजना के तहत घर की छतों पर सोलर पैनल इंस्टॉल कराने वाले 8,000 से अधिक लाभार्थियों को अभी तक राज्य सरकार की सब्सिडी का लाभ नहीं मिल पाया है। पिछले 6 महीनों से ये लाभार्थी उरेडा (उत्तराखंड रीन्यूएबल एनर्जी डेवलपमेंट एजेंसी) के चक्कर काट रहे हैं, लेकिन समस्या का समाधान नहीं हो पा रहा है।
सूर्या घर योजना की सफलता:
इस योजना के तहत 3 किलोवाट तक के सोलर सिस्टम इंस्टॉल करने पर घरों में मुफ्त बिजली मिलती है। प्रदेश में इस योजना को लेकर लोगों में जबरदस्त उत्साह देखा गया है। इसके चलते हाल ही में यूपीसीएल (उत्तराखंड पावर कॉर्पोरेशन लिमिटेड) को केंद्र सरकार द्वारा विशेष पुरस्कार से भी सम्मानित किया गया था। अब तक 47,604 लोगों ने इस योजना के लिए आवेदन किया है, जिनमें से 19,375 घरों पर सोलर प्रोजेक्ट इंस्टॉल भी किए जा चुके हैं। वहीं, 17,485 आवेदनों का इंस्पेक्शन अप्रूव हो चुका है, जबकि 295 आवेदन रिजेक्ट हो गए हैं और 1,595 का इंस्पेक्शन अभी लंबित है।
राज्य सरकार की सब्सिडी का संकट:
योजना के तहत केंद्र और राज्य सरकार दोनों अलग-अलग सब्सिडी देती हैं। 14,670 लाभार्थियों को केंद्र की सब्सिडी मिल चुकी है, लेकिन राज्य की सब्सिडी के लिए 8,000 से अधिक लाभार्थी अब भी इंतजार कर रहे हैं। ये लोग उरेडा कार्यालय के चक्कर काट रहे हैं, लेकिन अब तक कोई समाधान नहीं निकला है।
उरेडा की ओर से प्रतिक्रिया:
उरेडा अधिकारियों का कहना है कि बजट की कमी के कारण राज्य सरकार की सब्सिडी का वितरण रोक दिया गया था। हालांकि, अब इसके लिए विशेष बजट का प्रस्ताव तैयार किया जा रहा है। अधिकारियों का कहना है कि जल्द ही इस समस्या का समाधान किया जाएगा और लाभार्थियों को उनकी सब्सिडी मिल सकेगी।
लाभार्थियों की उम्मीदें:
लाभार्थियों को उम्मीद है कि जल्द ही यह समस्या हल होगी और उन्हें उनकी सब्सिडी मिल सकेगी। वे सरकार से आग्रह कर रहे हैं कि उनकी प्रतीक्षा का समय खत्म हो और वे अपनी सोलर परियोजनाओं के लिए दी गई सब्सिडी का लाभ उठा सकें।