एसकेविरमानी / ऋषिकेश । कांग्रेस नेता जयेन्द्र रमोला ने कहा है कि ऋषिकेश विधानसभा क्षेत्र में G- 20 में आये मेहमानों द्वारा गंगा आरती में जाने का कार्यक्रम तय होने के बाद से ही ऋषिकेश की देहरादून मार्ग, हरिद्वार मार्ग सहित घाट रोड व त्रिवेणी घाट पर बड़े स्तर पर सौंदर्यीकरण कार्य रात दिन गतिमान है उसी के तहत जानकारी मिली कि त्रिवेणी घाट पर गंगा के जल को घाट पर लाने के लिये पक्के पुश्ते डालकर कार्य किया जा रहा था परन्तु एक दिन पूर्व क्षेत्रीय विधायक व मंत्री प्रेमचन्द अग्रवाल द्वारा यह कार्य रोका गया जिसकी सूचना कार्य कर रहे ठेकेदारों ने उन्हें दी और बताया कि विभाग द्वारा यह कार्य हमें मौखिक रूप से करने को कहा गया और अब तक उनके लाखों रूपये इसमें लग चुके हैं परन्तु अब कार्य अधूरा छूटने पर बहुत नुक़सान हो गया है। मौक़े पर नदी में पुश्ते की सैटरिंग लगी हुई है और काम बंद करा दिया गया ।
रमोला ने कहा कि ज़िलाधिकारी संज्ञान लें कि किसने ये कार्य करने को कहा और क्यों ये कार्य रोका गया क्योंकि गंगा जल को घाट पर लाने की माँग वर्षों से ऋषिकेश विधानसभा की जनता की रही है और पार्टी के घोषणापत्र में भी ये माँग हमेशा से हर चुनाव में सम्मिलित रहती है परन्तु कार्य धरातल पर कभी नहीं हो पाता है। सौभाग्य से G-20 के तहत यह कार्य होने जा रहा था उसको भी जानकारी के अनुसार क्षेत्रीय विधायक द्वारा रुकवाया गया जो कहीं ना कहीं ये दर्शाता है कि मेयर और विधायक की आपसी खींचतान से ऋषिकेश के विकास कार्य प्रभावित हो रहे हैं । कांग्रेस नेता ने मुख्यमंत्री से माँग है कि उक्त प्रकरण की जाँच करें और कार्य रुकवाने वाले व्यक्तियों पर कार्यवाही करें और ठेकेदारों का भुगतान इनकी व्यक्तिगत कमाई से किया जाए। सरकारी धन से भुगतान ना किया जाये क्योंकि कार्य पूर्ण नहीं हुआ है तो ये जनता के किसी काम का नहीं है इसलिये इसका भुगतान कार्य करवाने वाले व रुकवाने वाले लोगों की कमाई से करवाना चाहिये।
रमोला ने यह भी कहा कि G-20 के नाम पर शहर से अतिक्रमण भी हटाया जा रहा है जो सराहनीय कार्य है परन्तु अतिक्रमण की कार्यवाही में स्थानीय प्रशासन द्वारा भेदभाव पूर्ण रवैया अपनाया जा रहा है। गरीब ठेली, फड़ वालों और अपने स्थान पर बैठे कच्चे निर्माण को तो हटाया जा रहा है परन्तु कई स्थान पर रसूख़दारों को छोड़ा जा रहा है जो न्यायोचित नहीं है ।