रंगों का त्यौहार और जीवन का उपहार है होली : स्वामी चिदानन्द

अन्तरराष्ट्रीय योग महोत्सव में 90 से अधिक देशों से आये योगियों ने जमकर खेली होली

एसकेविरमानी /ऋषिकेश, 8 मार्च। परमार्थ निकेतन में अंतर्राष्ट्रीय योग महोत्सव का आयोजन परमार्थ निकेतन, ऋषिकेश द्वारा जी-20, अतुल्य भारत, पर्यटन मंत्रालय के सहयोग से संस्कृति मंत्रालय, आयुष मंत्रालय भारत सरकार के संयुक्त तत्वाधान में किया जा रहा है।

35 वें अन्तर्राष्ट्रीय योग महोत्सव का आगाज़ रंगों के पर्व होली के साथ हुआ। 90 से अधिक देशों से आये योग जिज्ञासुओं ने जम कर होली खेली।

परमार्थ निकेतन के अध्यक्ष स्वामी चिदानन्द सरस्वती जी ने कहा कि रंगों का त्यौहार है होली, जीवन का उपहार है होली। उन्होंने कहा कि लाल, पीला, हरा, नीला सभी रंगों की अपनी खूबसूरती हैं। अगर एक ही रंग से होली खेली जाये तो रंगों का महत्व समाप्त हो जायेगा; खूबसूरती कम हो जायेगी, विविधता नहीं रहेगी तो उत्साह भी कम होगा, उसी प्रकार इस दुनिया की खूबसूरती इसी में है कि विविधता बनी रहे, विविधता नहीं होगी तो हम एकता के महत्व को नहीं समझ सकते इसलिये आईये इन विविधता के रंगों को एकता में पिरोने के साथ ही भारत में व्याप्त इस विविध रंगों और विविध फूलों के गुलदस्ते को सदैव जीवंत और जागृत बनाये रखने में अपना सहयोग प्रदान करें।

अंतरराष्ट्रीय स्तर के प्रसिद्ध योग एवं ध्यान प्रशिक्षक और व्यसन मुक्त योगाभ्यास के विशेषज्ञ टॉमी रोसेन ने सभी को होली की शुभकामनाएं देते हुये कहा कि हम आज सभी रंगों का जश्न मना रहे हैं, भीतर से बाहर तक रोशनी, हर जगह कनेक्शन, सभी लोगों के बीच, देश, लिंग, जाति, पंथ, विश्वास चाहे जो भी हो, हम सब एक हैं! हम सभी जीवन को आनंद और उत्साह के साथ मनाने के लिए एक साथ आयें हैं इस आनन्द को अपने साथ लेकर जायें।

स्वामी जी ने वैश्विक परिवार को होली के पावन अवसर पर जल संरक्षण और विश्व एक परिवार है का संदेश दिया।

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