नई दिल्ली/देहरादून। अंकिता के माता-पिता वीरेंद्र सिंह और सोनी देवी ने दिल्ली के इंडिया गेट पर धरना देकर बेटी को न्याय दिलाने की मांग उठाई। इस दौरान लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी और कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी भी उनसे मिलने पहुंचे और परिवार की मांगों का समर्थन किया।
अंकिता के माता-पिता ने मामले में कथित वीआईपी की पहचान सार्वजनिक करने और उसके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की है। पिता वीरेंद्र सिंह ने राष्ट्रपति से आग्रह किया कि सीबीआई जांच पूरी होने तक दुष्यंत गौतम की राज्यपाल पद पर नियुक्ति पर पुनर्विचार किया जाए।
राहुल गांधी और प्रियंका गांधी ने जताया समर्थन
राहुल गांधी ने कहा कि अंकिता के परिवार को न्याय दिलाने की लड़ाई में वह और कांग्रेस पार्टी उनके साथ हैं। उन्होंने मामले में कथित वीआईपी की भूमिका को लेकर सवाल उठाए और परिवार को न्याय मिलने की जरूरत पर जोर दिया।
वहीं, उत्तराखंड कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने कहा कि अंकिता को न्याय मिलना चाहिए और मामले से जुड़े सभी सवालों के जवाब सामने आने चाहिए। भाजपा ने सरकार की कार्रवाई का किया बचाव
दूसरी ओर, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट ने कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देश पर राज्य सरकार ने अंकिता भंडारी हत्याकांड में त्वरित कार्रवाई की और घटना के बाद आरोपियों को गिरफ्तार किया गया, जांच के लिए विशेष जांच दल (एसआईटी) गठित की गई और साक्ष्यों के आधार पर आरोपपत्र न्यायालय में दाखिल किया गया। उन्होंने कहा कि मामले में दोषियों को अदालत से उम्रकैद की सजा सुनाई गई और आरोपियों के खिलाफ गैंगस्टर अधिनियम के तहत भी कार्रवाई की गई।
पीड़ित परिवार को 25 लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने के साथ परिवार के सदस्यों को रोजगार उपलब्ध कराने के लिए भी कदम उठाए गए।