लखपति दीदी’ योजना ने पकड़ी रफ्तार, 50,000 महिलाओं को मिला शून्य ब्याज पर ऋण

देहरादून, 3 मई: उत्तराखंड की मातृशक्ति को आर्थिक रूप से सशक्त और स्वावलंबी बनाने की दिशा में धामी सरकार की महत्वाकांक्षी ‘लखपति दीदी’ योजना ने एक नया मुकाम हासिल कर लिया है। 3 मई को आयोजित एक राज्य स्तरीय महिला सशक्तिकरण सम्मेलन में सरकार ने घोषणा की कि इस योजना के तहत अब तक 50,000 से अधिक महिलाओं को शून्य ब्याज दर पर व्यवसायिक ऋण वितरित किए जा चुके हैं। इस योजना का लक्ष्य 2026 के अंत तक सवा लाख से अधिक महिलाओं की वार्षिक आय एक लाख रुपये से अधिक करना है।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि जब एक महिला सशक्त होती है, तो पूरा परिवार और समाज प्रगति करता है। सरकार ने ग्रामीण क्षेत्रों में काम कर रहे महिला स्वयं सहायता समूहों (SHGs) को अचार, पापड़, स्थानीय दालों की पैकेजिंग, और हस्तशिल्प जैसे लघु उद्योगों के लिए 5 लाख रुपये तक का ब्याज-मुक्त ऋण देने की प्रक्रिया को बेहद सरल कर दिया है। इसके साथ ही, इन महिलाओं द्वारा तैयार किए गए उत्पादों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय बाजार तक पहुंचाने के लिए ‘उमंग’ ब्रांड के तहत विशेष मार्केटिंग और पैकेजिंग ट्रेनिंग भी दी जा रही है। अमेज़न और फ्लिपकार्ट जैसे ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म्स के साथ भी सरकार ने समझौता किया है, जिससे पहाड़ की महिलाओं के उत्पाद अब सीधे बड़े शहरों के ग्राहकों तक पहुंच रहे हैं। इस पहल से ग्रामीण अर्थव्यवस्था में एक नई क्रांति देखने को मिल रही
है।