देहरादून: अंकिता भंडारी हत्याकांड की सुप्रीम कोर्ट के सिटिंग जज की निगरानी में सीबीआई जांच की मांग को लेकर विपक्ष और विभिन्न सामाजिक संगठनों ने आज उत्तराखंड बंद का आह्वान किया है। बंद को लेकर प्रदेशभर में राजनीतिक और सामाजिक हलकों में व्यापक चर्चा है।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने कहा कि यह मामला केवल एक हत्या का नहीं, बल्कि राज्य की अस्मिता से जुड़ा गंभीर सवाल है। उन्होंने आमजन से बंद के समर्थन की अपील करते हुए कहा कि सभी लोग शांतिपूर्वक बंद में भाग लें और कानून को हाथ में न लें।
महिला मंच की संयोजक कमला पंत ने सरकार से सीबीआई जांच के बिंदुओं को स्पष्ट करने की मांग की। उन्होंने कहा कि ऐसी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए, जिससे मामले में कथित वीआईपी की भूमिका भी सामने आ सके। उन्होंने इसे अंकिता के साथ-साथ राज्य की सभी बेटियों की लड़ाई बताया।
वहीं मूल निवास भू-कानून संघर्ष समिति के संयोजक मोहित डिमरी ने कहा कि अंकिता की हत्या केवल एक बेटी की हत्या नहीं, बल्कि पूरे उत्तराखंड के स्वाभिमान पर हमला है। उन्होंने स्पष्ट किया कि जब तक हत्याकांड की जांच सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में सीबीआई से नहीं कराई जाती, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।
सभी संगठनों ने एक स्वर में उत्तराखंड बंद को सफल बनाने की अपील की है और आमजन से जिम्मेदारीपूर्ण भूमिका निभाने का आह्वान किया है। उत्तराखंड क्रांति दल (उक्रांद) ने भी बंद को अपना समर्थन देने की घोषणा की है।