कॉर्बेट टाइगर रिजर्व से ट्रेंकुलाइज करने के बाद राजाजी टाइगर रिजर्व की मोतीचूर रेंज में पांचवें बाघ को भी सफलतापूर्वक लाया गया है। दो दिन तक टाइगर बाड़े में रखने के बाद मेडिकल परीक्षण कर इसे राजाजी के जंगल में छोड़ दिया जाएगा। इसके साथ ही बाघ शिफ्टिंग प्रोजेक्ट का कार्य भी पूरा हो गया है।
प्रमुख वन संरक्षक (वन्य जीव) मुख्य वन्य जीव प्रतिपालक रंजन कुमार मिश्र ने बताया कि कॉर्बेट टाइगर रिजर्व के बिजरानी रेंज के सांवल्दे नान-टूरिज्म क्षेत्र से पांच वर्षीय बाघ को ट्रैंकुलाइज किया गया। जिसके बाद बृहस्पतिवार की सुबह करीब चार बजे राजाजी टाइगर रिजर्व की मोतीचूर रेंज में बनाए गए बाड़े में उसे सफलता पूर्वक छोड़ दिया गया। पिछले कई वर्षो से राजाजी टाइगर रिजर्व के दक्षिण-पश्चिमी क्षेत्र में बाघों के कुनबे को बढ़ाने के लिए प्रयास किए जा रहे थे। जिसके चलते राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण (एनसीटीए) के निर्देश पर राजाजी टाइगर रिजर्व के दक्षिण-पश्चिमी क्षेत्र में बाघों की शिफ्टिंग किए जाने की मंजूरी मिली।
निदेशक राजाजी टाइगर रिजर्व डाॅ. कोको रोसे ने बताया कि प्रोजेक्ट का उद्देश्य राजाजी टाइगर रिजर्व में बाघों का कुनबा बढ़ाना है। पांचवें बाघ के आने के बाद अब यह प्रोजेक्ट पूरा हो गया है। इन बाघों की गतिविधियों पर बाघ विशेषज्ञों की टीम जीपीएस कॉलर और सीसीटीवी कैमरों की मदद से लगातार नजर रख रही है।