उत्तराखंड के पर्वतीय जिलों में मौसम ने एक बार फिर करवट ले ली है। शुक्रवार दोपहर बाद चमोली जिले के ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी, जबकि निचले क्षेत्रों में तेज बारिश और ओलावृष्टि हुई। अचानक मौसम में आए इस बदलाव से जहां ठंडक बढ़ गई है, वहीं कृषि क्षेत्र को भी भारी नुकसान झेलना पड़ा है।
बदरीनाथ और हेमकुंड साहिब में ताजा बर्फबारी
बदरीनाथ धाम, हेमकुंड साहिब, रुद्रनाथ, लाल माटी, नीती घाटी और माणा घाटी में शुक्रवार को ताजा हिमपात दर्ज किया गया।
गोपेश्वर और पीपलकोटी में करीब आधे घंटे तक ओलावृष्टि हुई, जिससे जनजीवन प्रभावित हुआ।
कर्णप्रयाग क्षेत्र में तेज हवाएं चलीं, हालांकि वहां बारिश नहीं हुई।
किसानों पर संकट: गेहूं और सब्जियों की फसलें तबाह
दशोली ब्लॉक के ग्रामीण क्षेत्रों – घिंघराण, देवर, खडोरा, कुजौं-मैकोट – में ओलों की मार से फसलें तबाह हो गईं।
किसानों ने बताया कि कुछ ही मिनटों में कई बीघा गेहूं और हरी सब्जियों की फसल पूरी तरह नष्ट हो गई।
प्रशासन से फसल क्षति का आकलन कर मुआवजा देने की मांग की जा रही है।
प्रदेशभर में ऑरेंज अलर्ट जारी
मौसम विज्ञान केंद्र देहरादून ने उत्तराखंड के सभी जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है।