देहरादून: आगामी चारधाम यात्रा 2025 को लेकर उत्तराखंड सरकार ने एक अहम कदम उठाते हुए उत्तराखंड नागरिक उड्डयन विकास प्राधिकरण (UCADA) द्वारा चार्टर हेलिकॉप्टर सेवाओं के संचालन के लिए विस्तृत मानक प्रचालन प्रक्रिया (SOP) जारी कर दी है। SOP में तीर्थयात्रियों की सुरक्षा, सुविधा और पारदर्शिता को प्राथमिकता दी गई है।
UCADA की मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) सोनिका ने बताया कि SOP का मकसद यात्रियों को समय पर, सुरक्षित और विश्वसनीय हवाई सेवा देना है। साथ ही, सेवा में किसी तरह की गड़बड़ी या असुविधा की स्थिति में यात्रियों को आर्थिक मुआवजा और जरूरी सुविधाएं भी सुनिश्चित की जाएंगी।
25 अप्रैल तक पंजीकरण अनिवार्य
UCADA ने सभी चार्टर हेलिकॉप्टर ऑपरेटरों को निर्देश दिया है कि वे 25 अप्रैल 2025 तक अपना पंजीकरण करवा लें। केवल पंजीकृत ऑपरेटरों को ही चारधाम यात्रा के दौरान हेलीसेवाएं संचालित करने की अनुमति दी जाएगी।
यात्रियों के लिए SOP के मुख्य बिंदु
फ्लाइट डिले और रद्द होने पर सुविधाएं:
2 से 5 घंटे तक की देरी: यात्रियों को रिफ्रेशमेंट अनिवार्य रूप से उपलब्ध कराना होगा।
5 घंटे से अधिक देरी: ₹5,000 असुविधा भत्ता अनिवार्य।
फ्लाइट रद्द होने पर: ₹15,000 असुविधा भत्ता + ₹10,000 अतिरिक्त राशि।
बुकिंग रद्द होने पर रिफंड नीति:
1 से 7 दिन पहले रद्दीकरण: ₹2,500 असुविधा भत्ता + पूरी बुकिंग राशि रिफंड।
8 से 24 घंटे पहले: ₹15,000 असुविधा भत्ता + ₹10,000 या पूरा रिफंड (जो अधिक हो)।
8 घंटे से कम समय में रद्दीकरण: ₹20,000 असुविधा भत्ता + ₹10,000 अतिरिक्त।
अन्य प्रावधान:
ओवरबुकिंग की स्थिति में बोर्डिंग से इनकार: ₹1 लाख तक की पेनल्टी।
उड़ान के दौरान दुर्घटना में मृत्यु: प्रति यात्री ₹1 करोड़ का मुआवजा अनिवार्य।
तीर्थयात्रियों को मिलेगी पारदर्शी सेवा
SOP के अनुसार, हेली सेवा ऑपरेटरों को बुकिंग, कैंसलेशन, रिफंड और सुरक्षा मानकों की पूरी जानकारी यात्रियों को पहले से उपलब्ध करानी होगी।