उत्तराखंड में इस साल की चारधाम यात्रा का आगाज़ 30 अप्रैल से होने जा रहा है। सरकार ने इस यात्रा को खास और यादगार बनाने के लिए सभी तैयारियों को अंतिम रूप देना शुरू कर दिया है। यात्रा की शुरुआत अक्षय तृतीया के पावन अवसर पर गंगोत्री और यमुनोत्री धाम के कपाट खुलने के साथ होगी, जबकि केदारनाथ के कपाट 2 मई और बदरीनाथ के कपाट 4 मई को श्रद्धालुओं के लिए खोले जाएंगे।
विशेष आयोजन और पुष्पवर्षा
चारधाम यात्रा के शुभारंभ पर एक विशेष आयोजन की योजना बनाई गई है, जिसमें चारों धामों में कपाट खुलने के दिन हेलिकॉप्टर से पुष्पवर्षा की जाएगी। पर्यटन सचिव सचिन कुर्वे ने संबंधित विभागों और उत्तराखंड नागरिक उड्डयन विकास प्राधिकरण को यह सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं कि इस विशेष आयोजन के लिए सभी व्यवस्थाएं पूरी तरह से तैयार हों।
पंजीकरण में रिकॉर्ड तोड़ उत्साह
इस बार श्रद्धालुओं में चारधाम यात्रा को लेकर जबरदस्त उत्साह देखने को मिल रहा है। अब तक कुल 16.81 लाख से ज्यादा श्रद्धालुओं ने यात्रा के लिए पंजीकरण कराया है। इनमें सबसे ज्यादा पंजीकरण केदारनाथ धाम के लिए हुए हैं, जिनकी संख्या 5,71,813 है। इसके बाद बदरीनाथ के लिए 5,03,991, गंगोत्री के लिए 3,00,907, और यमुनोत्री धाम के लिए 2,78,085 तीर्थयात्री पंजीकरण करवा चुके हैं।
राज्य सरकार का लक्ष्य: सुरक्षित और दिव्य यात्रा अनुभव
यात्रा की शुरुआत में कुछ ही दिन बाकी हैं और राज्य सरकार का उद्देश्य है कि श्रद्धालुओं को एक सुरक्षित, भव्य और दिव्य अनुभव प्रदान किया जाए। चारधाम यात्रा, जो न केवल आध्यात्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है, बल्कि उत्तराखंड के पर्यटन उद्योग के लिए भी एक महत्वपूर्ण अवसर है, को लेकर सरकार ने सुरक्षा, सुविधाओं और पर्यावरण संरक्षण के लिए भी कदम उठाए हैं।