उत्तराखंड पुलिस में वर्षों से चली आ रही “सेटिंग व्यवस्था” पर अब गढ़वाल रेंज के आईजी राजीव स्वरूप ने सख्ती दिखाई है। वार्षिक तबादला प्रक्रिया के बाद भी ड्यूटी से बचते हुए मैदानी इलाकों में जमे पुलिसकर्मियों को अब हर हाल में पहाड़ी जिलों में तैनाती दी जाएगी। इस संबंध में आईजी ने सभी जिलों के पुलिस कप्तानों को स्पष्ट निर्देश जारी किए हैं।
आईजी स्वरूप ने आदेश में कहा है कि जिन कर्मचारियों का ट्रांसफर हुआ है, उन्हें तीन दिन के भीतर अनिवार्य रूप से रिलीव किया जाए। यदि कोई कर्मचारी विशेष कारणों से तत्काल नहीं भेजा जा सकता, तो पुलिस कप्तान को उसका ठोस कारण लिखित रूप में आईजी कार्यालय को भेजना होगा। बिना अनुमति किसी को रोका नहीं जाएगा।
उन्होंने बताया कि अक्सर कांस्टेबल से लेकर इंस्पेक्टर स्तर तक के अधिकारी तबादले के बाद भी तरह-तरह के बहानों से मौजूदा जिले में ही डटे रहते हैं। कई बार तो अटैचमेंट के नाम पर वर्षों तक मैदानी जिलों जैसे हरिद्वार और देहरादून में तैनाती बनाए रखते हैं। लेकिन इस बार कोई ढील नहीं दी जाएगी।
आईजी ने कहा कि “पुलिसिंग में संतुलन जरूरी है। कोई भी जिला हमेशा सुविधाजनक नहीं हो सकता। पहाड़ी क्षेत्रों में भी पुलिस व्यवस्था मजबूत होनी चाहिए और इसके लिए हर पुलिसकर्मी को योगदान देना होगा।”
इस आदेश के बाद माना जा रहा है कि वर्षों से मैदानी इलाकों में तैनात कर्मचारियों की अब मुश्किलें बढ़ेंगी, जबकि पहाड़ों में पुलिस बल की स्थायी जरूरत कुछ हद तक पूरी हो सकेगी।