नैनीताल हाईकोर्ट के आदेश के बाद सहकारिता समितियों के चुनाव स्थगित

नैनीताल हाईकोर्ट के आदेश के बाद सहकारी निर्वाचन प्राधिकरण ने सहकारिता समितियों के चुनाव प्रक्रिया को अगले आदेश तक स्थगित कर दिया है। यह निर्णय हाईकोर्ट द्वारा जारी किए गए आदेश के आधार पर लिया गया, जिसमें सहकारिता समितियों के चुनावों को पुरानी नियमावली के तहत कराने का निर्देश दिया गया है। इस संबंध में सहकारी निर्वाचन प्राधिकरण की सदस्य सचिव रमिन्द्री मन्द्रवाल ने एक आदेश जारी किया है।

हाईकोर्ट का निर्णय और पुरानी नियमावली का पालन

नैनीताल हाईकोर्ट की खंडपीठ, जिसमें वरिष्ठ न्यायमूर्ति मनोज कुमार तिवारी और न्यायमूर्ति आशीष नैथानी शामिल थे, ने राज्य सरकार को आदेश दिया कि सहकारिता समितियों के चुनाव पुरानी नियमावली के अनुसार ही कराए जाएं। इस आदेश के बाद सहकारी समितियों के चुनाव में अब तक जो प्रक्रिया चली थी, वह अस्थायी रूप से रोक दी गई है।

संदेहास्पद संशोधन और याचिका पर विचार

मामला तब सामने आया जब सहकारी समितियों ने विशेष अपील के माध्यम से राज्य सरकार द्वारा किए गए नियमों में संशोधन को चुनौती दी थी। याचिकाकर्ताओं का कहना था कि राज्य सरकार ने चुनाव कार्यक्रम घोषित करने के बाद नियमावली में संशोधन किया, जो कि चुनाव प्रक्रिया में हस्तक्षेप करता है। उनका तर्क था कि चुनाव प्रक्रिया दिसंबर माह से ही शुरू हो चुकी थी, और इस संशोधन के तहत सेवानिवृत्त व्यक्तियों और गैर-सदस्यों को वोट देने का अधिकार दिया गया था, जो नियमों के खिलाफ था।

कई जिलों में चुनाव हो चुके थे

सोमवार को ही कई जिलों में सहकारी समितियों के चुनाव हो चुके थे, लेकिन हाईकोर्ट के आदेश के बाद इन चुनावों को स्थगित कर दिया गया है। अब चुनावों की प्रक्रिया को पुराने नियमों के तहत फिर से आयोजित किया जाएगा, जिससे यह सुनिश्चित किया जा सके कि चुनाव पूरी पारदर्शिता और निष्पक्षता से हो।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

error: Content is protected !!