उत्तराखंड में आयोजित हो रहे 38वें राष्ट्रीय खेलों को लेकर सोशल मीडिया पर झूठी और भ्रामक खबर प्रसारित करने वाले “उत्तराखंड वाले” नामक पेज के संचालक अंकुश चौहान को देहरादून पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। आरोप है कि उसने खेलों के आधिकारिक लोगो और मुख्यमंत्री की तस्वीर का उपयोग करते हुए फिक्सिंग और भ्रष्टाचार को लेकर मनगढ़ंत खबर फैलाई थी।
प्रधानाचार्य की शिकायत पर मामला दर्ज
मामले में महाराणा प्रताप स्पोर्ट्स कॉलेज, देहरादून के प्रधानाचार्य राजेश ममगाई द्वारा थाना रायपुर में दर्ज कराई गई तहरीर में कहा गया कि संबंधित सोशल मीडिया पोस्ट में लिखा गया था:
“उत्तराखंड में हो रहे राष्ट्रीय खेलों में फिक्सिंग और भ्रष्टाचार का खेल, लाखों में बेचे जा रहे पदक।”
इस खबर से खिलाड़ियों, आयोजकों और राज्य की प्रतिष्ठा को गंभीर क्षति पहुंची है। तहरीर के आधार पर थाना रायपुर में मु०अ०सं०-39/25 के अंतर्गत धारा 353(2) भारतीय न्याय संहिता के तहत मामला दर्ज किया गया।
पुलिस की त्वरित कार्रवाई, साइबर सेल की मदद से गिरफ्तारी
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक, देहरादून के निर्देश पर पुलिस ने साइबर सेल की सहायता से त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी की डिजिटल पहचान सुनिश्चित की। जांच में सामने आया कि “उत्तराखंड वाले” नामक पेज अंकुश चौहान, निवासी ग्राम जणगी, ओखलाखाल, टिहरी गढ़वाल, व वर्तमान में गुड़गांव, न्यू पालम विहार द्वारा संचालित किया जा रहा था।
अंकुश को आवश्यक पूछताछ के लिए देहरादून बुलाया गया, लेकिन उसने जांच में सहयोग करने से इनकार कर दिया, जिसके बाद पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया।
राज्य की छवि धूमिल करने का प्रयास: प्रशासन सख्त
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि इस तरह की झूठी खबरें न केवल राज्य सरकार की साख को ठेस पहुंचाती हैं, बल्कि राष्ट्रीय स्तर पर राज्य की छवि भी खराब करती हैं। साथ ही, खेलों में प्रतिभाग कर रहे खिलाड़ियों और दर्शकों की भावना को भी आघात पहुंचता है।
आगे की जांच जारी
अभियुक्त के खिलाफ आगे की वैधानिक कार्रवाई जारी है। पुलिस ने यह भी संकेत दिया है कि यदि इस प्रकार की भ्रामक सूचना प्रसारित करने में अन्य लोग भी शामिल पाए जाते हैं, तो उनके खिलाफ भी कड़ी कार्रवाई की जाएगी।