उत्तराखंड के पर्वतीय क्षेत्रों में विद्यार्थियों के लिए आवासीय सुविधा की योजना

प्रदेश के पर्वतीय जनपदों के दूरस्थ क्षेत्रों में अध्ययनरत विद्यार्थियों के लिए राज्य सरकार आवासीय सुविधा प्रदान करने जा रही है। इसके लिए विद्यालयी शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने विभागीय अधिकारियों को बजट प्रावधान के लिए शासन को प्रस्ताव भेजने के निर्देश दिए हैं।

प्रथम चरण में 5 जनपदों में छात्रावास निर्माण
सूबे के विद्यालयी शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने बताया कि राज्य सरकार प्रदेश में शिक्षा व्यवस्था में सुधार के लिए लगातार काम कर रही है। इस कड़ी में अब पर्वतीय क्षेत्रों के दूरस्थ विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराने के लिए कलस्टर विद्यालयों में आवासीय सुविधा मुहैया कराई जाएगी। इससे छात्र-छात्राओं को शिक्षा के सर्वोत्तम अवसर मिलेंगे।

बजट में आवासीय सुविधा का प्रस्ताव
डॉ. रावत ने बताया कि विभागीय अधिकारियों को इस योजना के लिए बजट प्रावधान करने के निर्देश दिए गए हैं ताकि इसे वित्तीय वर्ष 2025-26 के बजट में शामिल किया जा सके। पहले चरण में विषम भौगोलिक परिस्थितियों वाले पांच जनपदों के एक-एक कलस्टर विद्यालय में 150 विद्यार्थियों की क्षमता वाले छात्रावास बनाए जाएंगे।

राज्य में वर्तमान में चल रहे आवासीय विद्यालय
मंत्री ने यह भी बताया कि राज्य में पहले से कई आवासीय विद्यालय संचालित हो रहे हैं, जिनमें 13 राजीव गांधी नवोदय विद्यालय, 04 राजीव गांधी आवासीय अभिनव विद्यालय, 19 नेताजी सुभाष चन्द्र बोस आवासीय छात्रावास, और 39 कस्तूरबा गांधी बालिका आवासीय विद्यालय शामिल हैं।

पर्वतीय क्षेत्रों में आवासीय शिक्षा का विस्तार
डॉ. रावत ने कहा कि पर्वतीय क्षेत्रों की विषम परिस्थितियों को देखते हुए इन क्षेत्रों में आवासीय शिक्षा का दायरा बढ़ाया जाना जरूरी है ताकि यहां अध्ययनरत विद्यार्थियों को बेहतर शिक्षा प्राप्त हो सके। इस कदम से इन क्षेत्रों के विद्यार्थियों को सुविधाजनक तरीके से शिक्षा प्राप्त करने का अवसर मिलेगा और उनका समग्र विकास संभव होगा।

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