मुख्यमंत्री धामी ने ग्रीन चारधाम यात्रा अभियान की शुरुआत की घोषणा, पर्यावरण संरक्षण और स्वच्छता पर जोर

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सोमवार को चारधाम यात्रा के लिए तैयारियों की समीक्षा करते हुए ग्रीन चारधाम यात्रा अभियान की शुरुआत की घोषणा की। उन्होंने कहा कि इस बार यात्रा के दौरान पर्यावरण संरक्षण और स्वच्छता के लिए विशेष प्रयास किए जाएंगे। इसके तहत, यात्रा पर आने वाले श्रद्धालुओं को अपने पूर्वजों की याद में पौधे रोपने के लिए प्रेरित किया जाएगा और सिंगल यूज प्लास्टिक के उपयोग को रोकने के लिए प्रचार-प्रसार किया जाएगा।
सचिवालय में आयोजित समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री धामी ने 30 अप्रैल से शुरू होने वाली चारधाम यात्रा के लिए अधिकारियों को ठोस तैयारियों का निर्देश दिया। उन्होंने यात्रा मार्गों पर शौचालयों की व्यवस्था सुनिश्चित करने के साथ ही पिंक टॉयलेट की पर्याप्त संख्या में व्यवस्था करने की बात भी कही। इसके अलावा, उन्होंने स्वच्छता अभियान में जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों को भी सक्रिय रूप से शामिल करने का आह्वान किया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि यात्रा की सभी तैयारियां समय पर पूरी की जाएं। उन्होंने मार्च में विभागीय सचिव और पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों को यात्रा व्यवस्थाओं का स्थलीय निरीक्षण करने के निर्देश दिए। इसके साथ ही यात्रा मार्गों पर सड़क, पेयजल, विद्युत और स्वास्थ्य सुविधाओं की समुचित व्यवस्था करने के निर्देश भी दिए। यातायात प्रबंधन और पार्किंग व्यवस्था को व्यवस्थित किया जाएगा, और श्रद्धालुओं के पंजीकरण व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ किया जाएगा।
धामी ने यात्रा मार्गों में श्रद्धालुओं के लिए हेल्थ स्क्रीनिंग टेस्ट की व्यवस्था करने का भी निर्देश दिया। केदारनाथ और यमुनोत्री धाम के पैदल मार्गों पर घोड़े-खच्चरों का स्वास्थ्य परीक्षण और उनके लिए गर्म पानी और चारा उपलब्ध कराने की योजना बनाई गई है।
बैठक में पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज, स्वास्थ्य मंत्री डॉ. धन सिंह रावत, दर्जा धारी मंत्री विश्वास डाबर, अपर मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन, प्रमुख सचिव आरके सुधांशु, सचिव गृह शैलेष बगोली, सचिव पर्यटन सचिन कुर्वे, और गढ़वाल आयुक्त विनय शंकर पांडेय समेत अन्य अधिकारी उपस्थित थे।
मुख्यमंत्री ने शीतकालीन यात्रा स्थलों के मास्टर प्लान तैयार करने के निर्देश भी दिए। इसके अलावा, उन्होंने गंगोत्री और यमुनोत्री के मास्टर प्लान पर काम करने की बात की। साथ ही, 2026 में होने वाली नंदा राजजात और 2027 के कुंभ मेला की तैयारियों की शुरुआत करने के भी निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री ने सभी आईएएस, आईपीएस, और पीसीएस अधिकारियों से कहा कि वे राज्य के जिन क्षेत्रों से अपनी नौकरी की शुरुआत करें, उन्हें गोद लेकर वहां के विकास में योगदान दें और रात्रि प्रवास कर जन समस्याओं का समाधान करें। इसके अलावा, सरकारी स्कूलों, अस्पतालों और अन्य संस्थानों का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लें।

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