ऋषिकेश – प्रसिद्ध कथावाचक जया किशोरी ने कहा है कि गुरु का असली कार्य व्यक्ति को ईश्वर से जोड़ना होता है, न कि स्वयं को ईश्वर से बड़ा साबित करना। लेकिन आज कई गुरु खुद को भगवान से भी ऊपर समझने लगे हैं, जो धर्म और आध्यात्म के लिए एक चिंताजनक स्थिति है। जया किशोरी ने यह बात गंगा रिजॉर्ट, मुनि की रेती में आयोजित अंतरराष्ट्रीय योग महोत्सव के चौथे दिन साधकों को संबोधित करते हुए कही।
इस कार्यक्रम का आयोजन गढ़वाल मंडल विकास निगम और पर्यटन विभाग के संयुक्त तत्वावधान में किया गया है। जया किशोरी ने कहा, “गुरु केवल ज्ञान पर जमी धूल हटाता है, रास्ता दिखाता है, लेकिन खुद मंज़िल नहीं होता। जो ज्ञान को जल्दी समझ लेता है, उसका कर्तव्य है कि वह दूसरों को भी समझाए।”
समानता पर विचार
जया किशोरी ने लैंगिक समानता पर भी विचार रखे। उन्होंने कहा कि पुरुष और महिलाओं की सोच में जो अंतर दिखाई देता है, वह उनकी परवरिश और सामाजिक conditioning के कारण होता है। अगर बचपन से ही लड़के और लड़कियों को समान शिक्षा और संस्कार दिए जाएं, तो सोच में भी समानता आ सकती है।
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योग से स्वास्थ्य तक – विशेषज्ञों के विचार
डॉ. लक्ष्मी नारायण जोशी
सुबह के सत्र में आयुर्वेदाचार्य डॉ. लक्ष्मी नारायण जोशी ने कहा कि योग प्राचीन काल से ही एक प्रभावी चिकित्सा पद्धति रही है। उन्होंने बताया कि शरीर वात, पित्त और कफ के संतुलन से संचालित होता है, और इनके असंतुलन से विभिन्न रोग उत्पन्न होते हैं।
• वात की विकृति से 80 रोग,
• पित्त की विकृति से 40 रोग,
• कफ की विकृति से 20 रोग हो सकते हैं।
योगिनी उषा माता
योगिनी उषा माता ने साधकों को आयंगर योग का प्रशिक्षण दिया और विभिन्न योग क्रियाओं के माध्यम से रोगों से मुक्त रहने के तरीके बताए। उन्होंने कहा कि नियमित योगाभ्यास शरीर को रोगों से बचाकर आयुर्वेदिक संजीवनी का कार्य करता है।
योगी डॉ. अमृत राज
योगी डॉ. अमृत राज ने बीमारियों के लिए गलत खान-पान और जीवनशैली को जिम्मेदार ठहराया। उन्होंने कहा कि एल्युमिनियम के बर्तनों में खाना पकाना बंद किया जाना चाहिए और मिट्टी व तांबे के बर्तन उपयोग में लाए जाने चाहिए।
डॉ. सरस्वती काला
डॉ. सरस्वती काला ने आयुर्वेदिक एक्यूप्रेशर के बारे में जानकारी दी और इसे रोग निदान की एक प्रभावी विधि बताया।
सांस्कृतिक कार्यक्रमों में रंग जमा
देर शाम इंदर आर्य ग्रुप द्वारा प्रस्तुत सांस्कृतिक कार्यक्रमों ने उपस्थित दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। इस मौके पर जीएमवीएन के प्रबंध निदेशक विशाल मिश्रा, महाप्रबंधक प्रशासन विप्रा त्रिवेदी, पर्यटन महाप्रबंधक दयानंद सरस्वती, सहायक प्रधान प्रबंधक एसपीएस रावत, वरिष्ठ प्रबंधक कार्मिक विश्वनाथ बेंजवाल, और वित्त अधिकारी चिंतामणि मट्ट सहित कई अधिकारी उपस्थित रहे।
योग महोत्सव का चौथा दिन आध्यात्म, स्वास्थ्य और संस्कृति के समन्वय का अद्भुत संगम बनकर सामने आया।