यूक्रेन से लौटी ऋषिकेश की बेटी आरूषि, मदद करने वालों का जताया आभार

छात्रा की मदद करने वालों को जयराम आश्रम अध्यक्ष ब्रह्मस्वरूप ब्रह्मचारी ने सम्मानित किया 

एसके विरमानी / ऋषिकेश। युद्धग्रस्त यूक्रेन से लौटी एमबीबीएस की छात्रा आरूषि काला ने ऋषिकेश वापसी में सहयोग करने वाले रियल एस्टेट और तमाम लोगों का आभार व्यक्त किया है। आपको बता दें कि ऋषिकेश गुमानीवाला निवासी देवेश्वर काला उनकी पत्नी सुनीता काला की बेटी आरुषि काला एमबीबीएस का कोर्स यूक्रेन में कर रही थी। रूस और यूक्रेन के युद्ध में हजारों भारतीय छात्र छात्राएं फंसे हुए थे ऐसे में आरुषि काला अपने 8 सहपाठियों के साथ मास्को पहुंच गई। जहां से भारत आने के लिए उसे कब काफी जद्दोजहद करना पड़ा और समय निकल जाने के बाद उसे आने के लिए बहुत संघर्ष करना पड़ा। यहां तक की माली हालत खराब होने के कारण उसके पास टिकट के लगभग ₹200000 ना होने की वजह से वही फंसी हुई थी। ऐसे में ऋषिकेश रियल एस्टेट की मदद से उसे टिकट भेजा गया और सकुशल धर्म नगरी ऋषिकेश में वापसी हुई।

आज आरुषि काला के सकुशल यूक्रेन से ऋषिकेश आने पर एक होटल में पत्रकार वार्ता का आयोजन किया गया। इसमें आरुषि काला को  कुशलपूर्वक वापस लाने में सहयोग करने वाले लोगों को सम्मानित किया गया। इस संपूर्ण कार्यक्रम की अध्यक्षता जयराम आश्रम क्षेत्र के अध्यक्ष ब्रह्म स्वरूप ब्रह्मचारी ने किया।

पूर्व नगरपालिका अध्यक्ष दीप शर्मा को आरुषि काला के पिताजी देवेश्वर कॉलोनी बताया कि उनकी बिटिया एमबीबीएस का कोर्स यूक्रेन में कर रही है। वहां युद्ध होने के बाद अफरा-तफरी मची है। लगभग सारे भारतीय छात्र छात्राएं आ चुकी है आ चुके हैं लेकिन उनकी  बिटिया भटक कर मास्को चली गई। उसे वापस आने के लिए ₹200000 लगभग टिकट के लग रहे हैं जो  उनके पास नहीं है। आरूषि के पिता के अनुसार वह एक छोटा सा स्कूल चलाते हैं और कोविड-19 के कारण स्कूल बंद रहने के कारण उनकी हालत बेहद खराब है।

इस दयनीय स्थिति को देखते हुए दीप शर्मा ने तत्काल एक्शन लिया और रियल एस्टेट के अध्यक्ष दिनेश कोठारी नितिन गुप्ता राजेश अग्रवाल मानव जौहर से संपर्क किया। आनन-फानन में रियल एस्टेट के सभी सदस्यों ने उसके आने के लिए ₹200000 इकट्ठे कर उसका टिकट भिजवाया। इसके बाद आरुषि काला सकुशल ऋषिकेश पहुंची। आरूषि अपनी मदद करने वालों की भूरी भूरी प्रशंसा करते नहीं थक रही। धर्म नगरी में ऐसे कई मौके आए जब मुसीबत में फंसे लोगों के लिए शहर के लोगों ने अपना योगदान दिया।

आज रेलवे रोड स्थित एक होटल में आरुषि ने अनुभव साझा करते हुए  पत्रकारों को बताया कि हमारी टीम में आठ लोग थे हमने सोचा कि मास्को से आसानी से हम अपने वतन को लौट जाएंगे लेकिन मास्को पहुंचकर हमें काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा। यूक्रेन में भारतीयों के साथ वहां के सैनिकों और निवासियों का बर्ताव अच्छा नहीं था क्योंकि भारत यूक्रेन के साथ नहीं आ रहा है जिससे उनके अंदर जलन की भावना घर कर गई है और वह हमें हेय दृष्टि से देखते हैं और किसी प्रकार की मदद करने से गुरेज कर रहे हैं। प्रधानमंत्री का इस विषय पर बहुत ही सराहनीय कदम रहा लेकिन हमारा दुर्भाग्य रहा कि हम मास्को पहुंच गए और वहां पर 8:00 से 15:10 से 15 दिनों तक हमें संघर्ष करना पड़ा। आखिरकार ऋषिकेश वासियों की मदद से वे अपने घर पहुंच गई।

कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए क्षेत्र के परम अध्यक्ष ब्रह्म स्वरूप ब्रह्मचारी महाराज ने कहा कि बिटिया की बात सुनकर मुझे रोमांच हुआ। यह दिल दहलाने वाली बात है इतने दिनों तक कैसे कष्ट सहती होगी यह यही जानती है महाभारत में अर्जुन ने कृष्ण से कहा था कि मुझे अपने सगे संबंधियों चाचा ताऊ दादा- दादी भाई भतीजे को मार कर मुझे राजकाज नहीं चाहिए लेकिन भगवान ने अर्जुन का मोह भंग करते हुए उसे अर्जुन को समझाया की युद्ध तो होकर रहेगा धर्म की स्थापना के लिए युद्ध बेहद जरूरी है और यह पूर्व नियोजित है युद्ध के बाद ही बदलाव होगा और अधर्म का तभी ना सो पाएगा परंतु युद्ध किसी समस्या का समाधान नहीं है यूक्रेन में युद्ध की स्थिति भयावह बनी हुई है और ऐसे में वहां फसना और उससे बाहर निकल कर आना टेढ़ी खीर है।

धर्म नगरी ऋषिकेश के लोगों ने आरुषि काला कि मदद कर नर सेवा नारायण सेवा की उक्ति को चरितार्थ किया है और मानव सेवा पुनीत कार्य है निश्चित रूप से यह पुनीत कार्य करके आप सभी ने बहुत बड़ा काम किया है मेरे पास शब्द नहीं है कि मैं किन शब्दों में आप लोगों को बढ़ई करूं मेरा उद्देश्य बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ और बेटी बचाओ का है मैं हमेशा ही कहता हूं कि यह उद्देश्य हमारा जिंदगी भर रहेगा मैं आरुषि काला को डॉक्टर बनने में किसी प्रकार की मदद की आवश्यकता होगी निशान दे मैं करूंगा क्योंकि डॉक्टर बनकर समाज की सेवा में यह मां की भूमिका निभाएगी मेरी हार्दिक इच्छा है ईश्वर हमेशा ही आस्थावान लोगों की सच्चे लोगों की मदद करता है बिटिया की भावना अच्छा है इसलिए अच्छे लोगों के संपर्क में आई ईश्वर ने सुनी और आप सभी ने जो प्रसाद किया है मदद किया है साधुवाद के पात्र हैं।

कार्यक्रम में मुख्य रूप से निशांत मलिक प्रदीप गुप्ता सोहन सिंह कैंतूरा राजेश अग्रवाल नितिन गुप्ता समाजसेवी बच्चन सिंह पोखरियाल अशोक रस्तोगी सहित तमाम लोग उपस्थित थे।

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