देहरादून। महिला सशक्तिकरण एवं बाल विकास मंत्री रेखा आर्या ने विधानसभा के विशेष सत्र में कहा कि युवा व महिलाएं ही विकसित भारत की रीढ़ हैं, इसलिए उनका सशक्तिकरण सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने सात विभागों की उपलब्धियां सदन में रखीं और कहा कि 2047 तक समाज से लैंगिक भेदभाव को पूरी तरह समाप्त करने का लक्ष्य भी है।
रेखा आर्या ने बताया कि प्रदेश में आंगनबाड़ी केंद्रों की संख्या 4243 से बढ़कर 20067 हो गई है और हाल ही में 7000 नियुक्तियां की गई हैं। उन्होंने कहा कि लैंगिक अनुपात 962 से बढ़कर 984 हो गया है। स्वास्थ्य क्षेत्र में शिशु मृत्यु दर में 61% और मातृ मृत्यु दर में 80% की कमी भी दर्ज की गई है।
खेल क्षेत्र में उत्तराखंड को ‘खेल भूमि’ के रूप में पहचान दिलाने का संकल्प लेते हुए उन्होंने कहा कि खिलाड़ियों को दोगुनी इनाम राशि व 4% आरक्षण दिया गया है। राज्य में अब दो अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम, तीन स्पोर्ट्स कॉलेज और 31 इंडोर हॉल संचालित हैं।
रेखा आर्या ने बताया कि समाज कल्याण पेंशन ₹125 से बढ़ाकर ₹1500 की गई है, जबकि लाभार्थियों की संख्या 1.2 लाख से बढ़कर 9.38 लाख पहुंची है। खाद्य सुरक्षा योजना के तहत 1.84 लाख परिवारों को साल में तीन निशुल्क गैस रिफिल भी दी जा रही हैं।
अंत में उन्होंने कहा — “युवा शक्ति और नारी शक्ति के बल पर ही 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाया भी जा सकता है।”