देहरादून। चारधाम यात्रा को सुगम और सुरक्षित बनाने के लिए जहां एक ओर सड़क चौड़ीकरण से मार्गों की स्थिति बेहतर हुई है, वहीं दूसरी ओर भूस्खलन अब भी एक गंभीर चुनौती बना हुआ है। राष्ट्रीय राजमार्ग (एनएच) के अधीन चारधाम मार्ग पर कुल 42 स्थान ऐसे चिह्नित किए गए हैं, जहां भूस्खलन की गंभीर समस्या है।
एनएच के मुख्य अभियंता दयानंद के अनुसार, इन 42 स्थलों में से 39 पर भूस्खलन नियंत्रण के कार्य पहले से चल रहे हैं, जबकि शेष तीन स्थानों के लिए प्रस्ताव तैयार किए जा रहे हैं। इन सभी कार्यों को अगले वर्ष जून तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।
चारधाम मार्ग का चौड़ीकरण कार्य पूरा होने के बाद यात्रा की रफ्तार में तेजी आई है और समय की बचत भी हो रही है। लेकिन यात्रा की यह सुगमता, भूस्खलन के कारण कहीं-कहीं बाधित हो रही है। दयानंद ने बताया कि एनएच के अलावा सीमा सड़क संगठन (बीआरओ) के अधीन सड़कों पर भी करीब 25 ऐसे स्थान हैं जहां इसी प्रकार की समस्याएं सामने आई हैं।
एनएच के अनुसार, इन स्थलों पर भूस्खलन नियंत्रण और सुरक्षात्मक कार्यों पर लगभग 1,500 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। अधिकारियों को उम्मीद है कि इन कार्यों के पूर्ण होने के बाद चारधाम यात्रा और भी अधिक सुरक्षित व निर्बाध हो सकेगी।