देहरादून – उत्तराखंड में त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव के तहत मतदान प्रक्रिया शांतिपूर्वक सम्पन्न भी हो चुकी है और अब सबकी निगाहें कल (31 जुलाई) को होने वाली मतगणना पर ही टिकी हैं। हरिद्वार को छोड़कर राज्य के शेष 12 जिलों में मतगणना का कार्य जोर-शोर से भी किया जाएगा। इसके लिए राज्य निर्वाचन आयोग ने तैयारियों को अब अंतिम रूप दे दिया है।
89 विकासखंडों पर होगी मतगणना
राज्य निर्वाचन आयुक्त सुशील कुमार ने जानकारी दी कि
मतगणना का कार्य प्रदेश के 89 विकासखंड मुख्यालयों पर सम्पन्न कराया जाएगा। सभी जिलों में आवश्यक व्यवस्थाएं भी पूरी कर ली गई हैं।
15 हजार से अधिक कर्मचारी, 8 हजार पुलिसकर्मी तैनात
मतगणना कार्य को पारदर्शी व शांतिपूर्ण ढंग से सम्पन्न कराने के लिए राज्य भर में 15,000 से अधिक कर्मचारियों की ड्यूटी भी लगाई गई है। वहीं सुरक्षा की दृष्टि से 8,000 से अधिक सुरक्षाकर्मियों को तैनात भी किया गया है। प्रशासनिक व पुलिस अफसर भी लगातार मॉनिटरिंग कर रहे हैं।
पदवार घोषित होंगे परिणाम
मतगणना के साथ ही ग्राम प्रधान, ग्राम पंचायत सदस्य व क्षेत्र पंचायत सदस्य पदों के नतीजे संबंधित ब्लॉक मुख्यालयों से ही घोषित किए जाएंगे। वहीं जिला पंचायत सदस्य पदों के परिणाम सीधे जिला मुख्यालयों से ही जारी किए जाएंगे।
32,580 प्रत्याशियों की धड़कनें तेज
राज्य भर में कुल 11,082 पदों के लिए 32,580 प्रत्याशी भी मैदान में हैं। अब परिणाम से ठीक पहले प्रत्याशी अपने-अपने क्षेत्र में मत प्रतिशत व वार्डवार गणना के आंकड़ों का विश्लेषण करने में भी जुटे हैं। संभावित विजेताओं ने आगे की रणनीतियों पर भी काम करना शुरू कर दिया है, जिसमें क्षेत्र पंचायत प्रमुख व जिला पंचायत अध्यक्ष के लिए जोड़तोड़ भी तेज हो गई है।
राजनीतिक दलों की नजरें टिकी
पंचायत चुनाव भले ही पार्टी चिह्नों पर न होते हों, लेकिन राजनीतिक दलों की नजरें भी 31 जुलाई की मतगणना पर ही टिकी हैं। गांव से जिले तक सत्ता की चाबी किसके हाथ में जाएगी, इसका फैसला अब कुछ ही घंटों में भी हो जाएगा।