देहरादून। उत्तराखंड में मानसून का कहर लगातार ही जारी है। राज्य के कई हिस्सों में मूसलधार बारिश ने जनजीवन अस्त-व्यस्त भी कर दिया। देहरादून स्थित मौसम विज्ञान केंद्र ने देहरादून, उत्तरकाशी, टिहरी, पौड़ी, रुद्रप्रयाग, नैनीताल व बागेश्वर के कुछ क्षेत्रों में भारी से बहुत भारी बारिश और तेज गर्जना की चेतावनी के साथ ऑरेंज अलर्ट भी जारी किया है। इसके अलावा शेष जिलों में तेज बारिश व बिजली चमकने को लेकर येलो अलर्ट भी घोषित किया गया है।
6 अगस्त तक जारी रह सकती है रुक-रुक कर तेज बारिश
मौसम विभाग का अनुमान है कि आगामी 6 अगस्त तक प्रदेशभर में रुक-रुक कर तेज बारिश जारी ही रह सकती है, जिससे स्थिति और भी गंभीर हो सकती है।
भूस्खलन और मलबा गिरने से 153 सड़कें बंद
लगातार बारिश से प्रदेशभर में 153 सड़कों पर यातायात पूरी तरह से बाधित भी हो गया है। राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र के मुताबिक ऋषिकेश-यमुनोत्री राष्ट्रीय राजमार्ग पर सिलाई बैंड व औझरी के पास सड़क बह जाने के कारण मार्ग पूरी तरह से बंद भी हो गया है।
देहरादून जिले में कालसी-चकराता मार्ग, जबकि अन्य जिलों में कई ग्रामीण व संपर्क मार्ग बंद पड़े हैं।
हालांकि राहत की बात यह है कि केदारनाथ, बदरीनाथ, गंगोत्री व लिपुलेख जैसे प्रमुख तीर्थ मार्ग फिलहाल सुचारु रूप से ही चालू हैं।
जिलावार सड़कें बंद होने की स्थिति:
- पौड़ी – 48 सड़कें बंद
- चमोली – 21 सड़कें बंद
- बागेश्वर – 16 सड़कें बंद
- उत्तरकाशी – 15 सड़कें बंद
- चंपावत – 15 सड़कें बंद
- टिहरी – 11 सड़कें बंद
- रुद्रप्रयाग – 9 सड़कें बंद
- देहरादून – 9 सड़कें बंद
- पिथौरागढ़ – 5 सड़कें बंद
- नैनीताल – 2 सड़कें बंद
- अल्मोड़ा – 2 सड़कें बंद
राहत कार्यों में बाधा, प्रशासन अलर्ट
प्रशासन की ओर से बंद मार्गों को खोलने के लिए युद्धस्तर पर कार्य जारी ही है, लेकिन लगातार बारिश राहत व बचाव कार्यों में भारी बाधा बन रही है। राज्य सरकार ने सभी जिलों को सतर्क रहने व आपदा प्रबंधन टीमों को अलर्ट मोड में रहने के निर्देश भी दिए हैं।