हिंदू कैलेंडर के अनुसार, साल में कुल 12 अमावस्या तिथि आती हैं। सभी तिथियों को अलग-अलग नाम से जाना जाता है और उनका अपना विशेष महत्व होता है।अमावस्या तिथि जब सोमवार को पड़ती है तो इसे सोमवती अमावस्या के नाम से जाना जाता है।
सोमवती अमावस्या के अवसर पर हरिद्वार में आस्था का सैलाब उमड़ पड़ा। बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने हरकी पैड़ी पर गंगा में पावन डुबकी लगाई। साथ ही दान कर पुण्य अर्जित किया।
सोमवती अमावस्या का दिन, तर्पण और दान के लिए बहुत शुभ माना जाता है। ये दिन पितृ दोष से मुक्ति पाने का अवसर भी देता है, इसके लिए कई उपाय भी किए जाते हैं।