आज शुक्रवार को सैनिक कल्याण मंत्री गणेश जोशी से उत्तराखंड के पूर्व सैनिक पुलिसकर्मियों का एक प्रतिनिधिमंडल उनके कैंप कार्यालय में मिला। इस दौरान प्रतिनिधिमंडल ने मंत्री जोशी को अपनी विभिन्न समस्याओं और मांगों से संबंधित एक ज्ञापन सौंपा।
2001 से सेवा दे रहे पूर्व सैनिकों की समस्याएँ
पूर्व सैनिकों ने मंत्री जोशी को बताया कि उन्होंने वर्ष 2001 में राज्य पुलिस विभाग में सेवा देना शुरू किया था, लेकिन उन्हें 2008 में ही आरक्षी पद पर नियमित किया गया। इस देरी के कारण उन्हें न केवल वरिष्ठता से वंचित रहना पड़ा, बल्कि उन्हें पुरानी पेंशन योजना और अन्य विभागीय लाभ भी नहीं मिल पाए।
पूर्व सैनिकों की मुख्य मांगें
पूर्व सैनिकों ने मांग की कि 2001 से सेवा दे रहे सभी पुलिसकर्मियों को न केवल पुरानी पेंशन योजना का लाभ दिया जाए, बल्कि उनकी सेवा की गणना प्रारंभिक नियुक्ति तिथि से की जाए, ताकि उन्हें वरिष्ठता, पदोन्नति और अन्य वित्तीय लाभों का समुचित लाभ मिल सके।
मंत्री गणेश जोशी का आश्वासन
सैनिक कल्याण मंत्री गणेश जोशी ने प्रतिनिधिमंडल की समस्याओं को गंभीरता से सुना और इस मुद्दे पर सहानुभूतिपूर्वक विचार करने का आश्वासन दिया। उन्होंने कहा कि पूर्व सैनिकों की सेवाएं राष्ट्र के प्रति समर्पण का प्रतीक हैं, और राज्य सरकार उनके हितों की रक्षा के लिए हरसंभव प्रयास करेगी।
इस अवसर पर अन्य लोग भी उपस्थित रहे
इस अवसर पर सौरव असवाल, सरूप सिंह चौधरी, रमेश चंद जुयाल, बदर सिंह नेगी, महावीर सिंह मेहर, तेज सिंह धामी, ललित बहादुर छेत्री सहित अन्य कई लोग उपस्थित रहे।