चारधाम यात्रा की शुरुआत इस वर्ष यमुनोत्री से होगी। 30 अप्रैल, अक्षय तृतीया के शुभ अवसर पर यमुनोत्री मंदिर के कपाट श्रद्धालुओं के लिए खोले जाएंगे। इससे पहले, मां यमुना की डोली अपने शीतकालीन निवास खरसाली से सुबह 8 बजे यमुनोत्री धाम के लिए प्रस्थान करेगी।
मंदिर समिति के प्रवक्ता पुरुषोत्तम उनियाल ने बताया कि यमुनाजी की जयंती के मौके पर, खरसाली गांव में यमुनोत्री मंदिर परिसर में कपाट खोलने का समय भी निर्धारित किया गया है। तिथि और समय के अनुसार, 30 अप्रैल को 11:55 बजे, रोहिणी नक्षत्र और सिद्ध योग के शुभ अवसर पर यमुनोत्री मंदिर के कपाट श्रद्धालुओं के लिए खोले जाएंगे।
इस अवसर पर मां यमुना की डोली, स्थानीय वाद्य यंत्रों के साथ, खरसाली गांव से यमुनोत्री धाम के लिए रवाना होगी। मां यमुना के भाई शनिदेव महाराज की डोली भी यमुनोत्री धाम भेजी जाएगी, जहां श्रद्धालु उन्हें सम्मानपूर्वक विदा करेंगे।
इस धार्मिक अवसर पर, मंदिर समिति के सचिव सुशील उनियाल, गौरव उनियाल, संजीव उनियाल, प्रदीप उनियाल, कुलदीप, गौरव श्रवण, ममलेश, शीतकालीन पुजारी पंकज उनियाल, और शेखर उनियाल भी उपस्थित थे।