प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 27 फरवरी को उत्तराखंड के मुखबा का दौरा करेंगे, शीतकालीन पर्यटन को मिलेगा बढ़ावा

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 27 फरवरी 2025 को उत्तराखंड के शीतकालीन पर्यटन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से मुखबा का दौरा करेंगे। उनके दौरे की तैयारियों को लेकर उत्तराखंड सरकार ने काम तेज कर दिया है। राज्य सरकार ने प्रधानमंत्री के दौरे के तहत सभी आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के लिए अधिकारियों को निर्देश दिए हैं।

मुख्य सचिव राधा रतूड़ी ने बुधवार को सचिवालय में प्रधानमंत्री के दौरे की तैयारियों पर समीक्षा बैठक की। बैठक के दौरान मुख्य सचिव ने कहा कि प्रधानमंत्री का यह दौरा उत्तराखंड के शीतकालीन पर्यटन को प्रोत्साहित करने का एक महत्वपूर्ण अवसर है। उन्होंने निर्देश दिया कि इस दौरान होने वाले कार्यक्रमों में राज्य के शीतकालीन पर्यटन की संभावनाओं और क्षमताओं को विशेष रूप से उजागर किया जाए।

मुख्य सचिव ने प्रधानमंत्री के हर्षिल और मुखबा दौरे के दौरान सुरक्षा और प्रोटोकॉल के अनुसार सभी तैयारियों को समय पर पूरा करने की आवश्यकता पर भी जोर दिया। इसके साथ ही, पीएम के मुखबा मंदिर में दर्शन-पूजन और हर्षिल में जनसभा के प्रस्तावित कार्यक्रम के लिए सभी आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। पार्किंग और परिवहन व्यवस्था को प्रभावी बनाने की बात भी की गई। इसके अलावा, सचिव पर्यटन को हर्षिल में शीतकालीन पर्यटन स्थलों और स्थानीय उत्पादों पर आधारित प्रदर्शनियों के आयोजन का निर्देश भी दिया गया।

स्थानीय उत्पादों को प्राथमिकता

प्रधानमंत्री के दौरे से पहले अधिकारियों ने तैयारियों में तेजी लाने का निर्णय लिया है। मुखबा में स्थलीय निरीक्षण के दौरान सीडीओ एसएल सेमवाल ने अधिकारियों से कहा कि स्थानीय उत्पादों और पारंपरिक कला से संबंधित प्रदर्शनी भी लगाई जाए। उन्होंने यह निर्देश भी दिया कि हर्षिल, मुखबा और बगोरी में पीएम के दौरे की तैयारियों की नियमित समीक्षा की जाए।

सीडीओ ने अधिकारियों से कहा कि निर्माण कार्य समय से पूरे हों और कार्य की गुणवत्ता पर विशेष ध्यान दिया जाए। पीएम के दौरे के लिए इन 3 गांवों में सड़क, पैदल मार्ग पर इंटरलॉकिंग टाइल्स, मुखबा में व्यू प्वाइंट और हेलिपैड के निर्माण कार्य भी चल रहे हैं।

स्थानीय उत्पादों और परंपरा को बढ़ावा देने की दिशा में कदम

सीडीओ एसएल सेमवाल ने पर्यटन अधिकारी, रीप और उद्यान विभाग को निर्देशित किया कि अपने संबंधित विभागों से जुड़ी स्टॉल और प्रदर्शनी में स्थानीय उत्पादों और परंपराओं को प्रमुखता से प्रदर्शित करें। उन्होंने यह भी निर्देश दिया कि इस योजना को जल्द तैयार करके रिपोर्ट प्रस्तुत की जाए ताकि सभी तैयारियां समय से पूरी हो सकें। इसके अलावा, पैदल रास्तों की मरम्मत और व्यू प्वाइंट को पहाड़ी शैली में तैयार करने के भी निर्देश दिए गए।

इस अवसर पर जिला पर्यटन अधिकारी कमल किशोर जोशी, उद्योग महाप्रबंधक शैली डबराल, परियोजना प्रबंधक रीप कपिल उपाध्याय समेत अन्य अधिकारी भी उपस्थित थे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के इस दौरे से उत्तराखंड के शीतकालीन पर्यटन को एक नई दिशा मिल सकती है, साथ ही राज्य की पारंपरिक कला और स्थानीय उत्पादों को भी राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिल सकती है।

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