उत्तराखंड सरकार ने सड़क सुरक्षा नीति की घोषणा की, बढ़ते सड़क हादसों पर काबू पाने के लिए नए उपाय

प्रदेश में सड़क हादसों की बढ़ती घटनाओं को रोकने के लिए उत्तराखंड सरकार ने एक नई सड़क सुरक्षा नीति की घोषणा की है। इस नीति के तहत, पर्वतीय मार्गों पर सड़क किनारे पौधरोपण किया जाएगा और विभिन्न जागरूकता कार्यक्रमों के माध्यम से सड़क सुरक्षा को बढ़ावा दिया जाएगा। इसके अलावा, स्कूलों में कक्षा 1 से सड़क सुरक्षा की शिक्षा शुरू की जाएगी, वहीं कॉलेजों और आम जनों के बीच भी सड़क सुरक्षा को लेकर जागरूकता फैलाने के लिए कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।

सड़क सुरक्षा नीति के तहत विभागों की जिम्मेदारी

नई सड़क सुरक्षा नीति के अंतर्गत, विभिन्न विभागों को सड़क सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए विशेष जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं:

शिक्षा, उच्च शिक्षा और चिकित्सा शिक्षा विभाग: स्कूलों और कॉलेजों में सड़क सुरक्षा शिक्षा को पाठ्यक्रम का हिस्सा बनाना, शिक्षकों, अभिभावकों और स्कूल बस ऑपरेटरों को प्रशिक्षित करना, और एनएसएस, एनसीसी कैडेट्स के माध्यम से सड़क सुरक्षा पर जागरूकता फैलाना।
लोनिवि, एनएचएआई, बीआरओ, सिंचाई विभाग: सड़कों के डिजाइन और निर्माण में पैदल यात्रियों, दिव्यांगों और बच्चों की सुरक्षा का ध्यान रखना, और दुर्घटना संभावित क्षेत्रों का त्वरित सुधार करना।
स्वास्थ्य विभाग: चिकित्सकों और स्वास्थ्यकर्मियों को दुर्घटनाओं के उपचार के लिए विशेष रूप से प्रशिक्षित करना और आपातकालीन सेवाओं को मजबूत करना।
परिवहन विभाग: वाहन चालन कौशल में सुधार के लिए लाइसेंसिंग प्रणाली को सशक्त बनाना, भारी वाहन चालकों को विशेष प्रशिक्षण देना और सड़क सुरक्षा के उल्लंघन करने वालों पर कठोर कार्रवाई करना।
पुलिस विभाग: यातायात नियंत्रण में आधुनिक तकनीकी का इस्तेमाल करना, दुर्घटनाओं के कारणों का विश्लेषण करना और जागरूकता कार्यक्रम चलाना।
आवास, शहरी विकास एवं स्थानीय निकाय विभाग: सड़क किनारे के अतिक्रमण को हटाना और पैदल यात्रियों के लिए फुटपाथों का निर्माण सुनिश्चित करना।
वन विभाग: वन्य जीवों और सड़क यातायात के बीच संघर्ष को रोकने के लिए सुरक्षा उपाय लागू करना और पर्वतीय मार्गों पर वृक्षारोपण करना।
आर्थिक राहत राशि में बदलाव

नई सड़क सुरक्षा नीति में राहत राशि की परिभाषा में भी बदलाव किया गया है। अब दुर्घटना में मृत्यु होने पर 2 लाख रुपये, गंभीर चोट पर 1 लाख रुपये और मामूली चोटों पर 10,000 रुपये तक की राहत राशि दी जाएगी। यह बदलाव दुर्घटनाओं के पीड़ितों और उनके परिवारों के लिए आर्थिक राहत प्रदान करेगा।

प्रदेश सरकार की यह नई सड़क सुरक्षा नीति सुनिश्चित करेगी कि सड़क पर यात्रा करते वक्त हर व्यक्ति की सुरक्षा का ध्यान रखा जाए, साथ ही दुर्घटनाओं की प्रभावी रोकथाम के लिए हर विभाग अपनी जिम्मेदारी से कार्य करेगा।

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