देहरादून जिला प्रशासन ने भिक्षावृत्ति और सड़क पर जीवन यापन कर रहे बच्चों को मुख्यधारा में लाने के उद्देश्य से एक नई और सराहनीय पहल की है। जिलाधिकारी सविन बंसल के निर्देश पर देहरादून में आधुनिक इंटेंसिव केयर सेंटर की स्थापना की गई है, जहां ऐसे बच्चों को खेल-खेल में शिक्षा दी जा रही है।
15 भिक्षावृत्ति में लिप्त बच्चे अब बन रहे हैं शिक्षार्थी
इस केंद्र में अब तक 15 ऐसे बच्चों को लाया गया है, जो पहले सड़कों पर भीख मांगते थे और हाल ही में रेस्क्यू ऑपरेशन के तहत इन्हें सुरक्षित वातावरण में लाया गया। इसके अलावा, 11 अन्य बच्चे जो पहले शिशु निकेतन में रह रहे थे, अब इस सेंटर में नियमित रूप से शिक्षा प्राप्त कर रहे हैं।
खेल के माध्यम से सिखाई जा रही शिक्षा
इंटेंसिव केयर सेंटर में शिक्षा की व्यवस्था को इस तरह डिजाइन किया गया है कि बच्चे इसे बोझ नहीं बल्कि आनंद के रूप में ग्रहण करें। खेल, चित्रकारी, कहानियों और इंटरैक्टिव गतिविधियों के माध्यम से बच्चों में सीखने की रुचि विकसित की जा रही है। अधिकारियों के अनुसार, बच्चे अब खुद उत्साह के साथ रोज़ सेंटर पहुंचने लगे हैं।
मुख्यधारा में जोड़ने का प्रयास: डीएम सविन बंसल
डीएम सविन बंसल ने बताया:
“इस पहल का मुख्य उद्देश्य इन बच्चों को समाज की मुख्यधारा में लाना है, ताकि वे भी आम बच्चों की तरह एक बेहतर जीवन और भविष्य पा सकें। यह केवल शिक्षा नहीं, बल्कि उनके आत्म-सम्मान और आत्मनिर्भरता की दिशा में एक कदम है।”