भाजपा के राष्ट्रीय सह-कोषाध्यक्ष और राज्यसभा सांसद डॉ. नरेश बंसल ने बुधवार को संसद के शून्यकाल के दौरान देश की सुरक्षा से जुड़ा एक महत्वपूर्ण मुद्दा उठाया। उन्होंने सरकार का ध्यान अवैध घुसपैठियों और उन्हें भारतीय पहचान पत्र मुहैया कराने वाले गिरोहों की बढ़ती गतिविधियों की ओर आकर्षित किया और उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की।
डॉ. बंसल ने कहा कि रोहिंग्या मुसलमानों समेत अन्य अवैध प्रवासी खुफिया रास्तों से देश में प्रवेश कर रहे हैं और उत्तर-पूर्व, पश्चिम बंगाल, असम, झारखंड, बिहार, उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड जैसे राज्यों में अपनी मौजूदगी बढ़ा रहे हैं। उन्होंने यह भी चेताया कि इन राज्यों से होते हुए ये घुसपैठिए दिल्ली, जम्मू-कश्मीर और नेपाल सीमा तक फैल रहे हैं।
फर्जी दस्तावेजों का नेटवर्क सक्रिय
राज्यसभा में अपने संबोधन के दौरान डॉ. बंसल ने आरोप लगाया कि इन घुसपैठियों को फर्जी दस्तावेज उपलब्ध कराने के लिए एक संगठित दलाल नेटवर्क सक्रिय है, जो मोटी रकम लेकर निर्वाचन कार्ड, राशन कार्ड, आधार, पासपोर्ट और यहां तक कि जन्म प्रमाण पत्र तक तैयार करा देता है।
उन्होंने एक गिरफ्तार घुसपैठिए के हवाले से बताया कि:
• निर्वाचन कार्ड के लिए ₹5,000
• राशन कार्ड के लिए ₹10,000
• आधार कार्ड के लिए ₹25,000
• पासपोर्ट बनवाने के लिए ₹1 लाख
• नेपाल भेजने के लिए ₹10,000 वसूले जाते हैं।
रायबरेली में फर्जी प्रमाण पत्रों का मामला उजागर
सांसद ने हाल ही में उत्तर प्रदेश के रायबरेली में फर्जी जन्म प्रमाण पत्र बनाए जाने के मामले का जिक्र करते हुए कहा कि इससे साफ है कि घुसपैठियों को वैध नागरिक बनाने का काम योजनाबद्ध ढंग से चल रहा है।
सरकार से की कई मांगें
डॉ. बंसल ने सरकार से निम्नलिखित ठोस कदम उठाने की मांग की:
• घुसपैठियों को संरक्षण देने वाले गिरोहों की पहचान और गिरफ्तारी
• इनके नेटवर्क को ध्वस्त करने की कार्रवाई
• घुसपैठियों की पहचान कर उन्हें वापस भेजने की प्रक्रिया
• सरकारी स्कूलों में वेरिफिकेशन अभियान
• स्वास्थ्य विभाग को सख्त निर्देश कि अवैध प्रवासियों के लिए जन्म प्रमाण पत्र न बनाए जाएं
• अवैध निर्माणों को गिराया जाए
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृहमंत्री अमित शाह के नेतृत्व में पहले से ही इस दिशा में कड़े कदम उठाए जा रहे हैं, लेकिन अब इसे और अधिक संगठित एवं सख्त बनाने की जरूरत है।
“देश की सुरक्षा से समझौता नहीं”
डॉ. बंसल ने अंत में कहा कि घुसपैठ और फर्जी पहचान के जरिए देश की सुरक्षा और संप्रभुता पर खतरा मंडरा रहा है, जिसे किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जा सकता।