भवाली – नगर और आसपास के इलाकों में पिछले दो दिनों से भीषण ट्रैफिक जाम से जनजीवन अस्त-व्यस्त है। मुख्य बाजार के साथ-साथ भीमताल, नैनीताल, रानीखेत और रामगढ़ रोड पर कई किलोमीटर लंबा जाम लग गया, जिससे स्थानीय लोगों और पर्यटकों को भारी परेशानी झेलनी पड़ी।
वीकेंड पर कैंची धाम में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ के कारण भवाली की संकरी सड़कों पर ट्रैफिक का दबाव बढ़ गया है। शनिवार को होली के चलते बाजार बंद था, लेकिन रविवार को खरीदारी और तीर्थ यात्रा के चलते हालात बिगड़ गए। खुटानी से कैंची तक सुबह 8 बजे से ही वाहनों की लंबी कतारें लग गईं।
रविवार को भवाली से खैरना के बीच महज 20 किलोमीटर की दूरी तय करने में लोगों को छह घंटे लग गए। जाम में फंसे पर्यटक टैक्सी के लिए भटकते नजर आए। सोशल मीडिया पर लोगों ने तस्वीरें साझा कर प्रशासन और लोक निर्माण विभाग (लोनिवि) की कार्यप्रणाली पर नाराजगी जताई।
नैनीबैंड-सेनिटोरियम बाईपास और अल्मोड़ा रोड को जोड़ने वाला पुल वर्षों से अधूरा है। पुल का काम अभी तक 50% भी पूरा नहीं हो पाया है। लोनिवि जेई कमल पाठक ने बताया कि बाईपास पर दीवार और सोइलिंग का कार्य जारी है, जिसे जल्द पूरा करने की कोशिश की जा रही है। हालांकि, पुल निर्माण की धीमी रफ्तार को लेकर जिम्मेदार अधिकारी संपर्क में नहीं आए।
कैंची धाम और भवाली क्षेत्र में पार्किंग की सुविधा न होने से भी जाम की स्थिति और बिगड़ रही है। व्यापारी संजीव भगत ने प्रशासन पर जाम से निपटने के लिए कोई पुख्ता इंतजाम न करने का आरोप लगाया। शिप्रा कल्याण समिति के अध्यक्ष जगदीश नेगी ने सुझाव दिया कि सेनिटोरियम की खाली भूमि में पार्किंग विकसित की जाए और भीमताल से शटल सेवाएं शुरू की जाएं।