“धामी कैबिनेट विस्तार: लंबे समय से चल रही कैबिनेट विस्तार की चर्चाओं के बाद, सरकार के चार साल पूरे होने पर इस पर विराम लगा दिया गया है।”
“मुख्यमंत्री धामी ने चुनावी रणनीति में हैट्रिक लगाने के लिए अपनी टीम इलेवन पेश की है। टीम में नए और पुराने सदस्यों को शामिल कर 2027 में मजबूत प्रदर्शन का भरोसा जताया गया है। चुनावी वर्ष में पांच नए कैबिनेट मंत्रियों के शामिल होने से टीम पूरी हुई है, जिसमें धामी की भूमिका कप्तान के रूप में है।”
“लंबे समय तक धामी सरकार में कैबिनेट विस्तार को लेकर चर्चा जारी थी, लेकिन चार साल के कार्यकाल के बाद इस पर विराम लग गया है। 2027 के चुनाव में जीत की हैट्रिक के लक्ष्य के साथ धामी सरकार ने कैबिनेट में पांच नए मंत्रियों को शामिल कर टीम इलेवन तैयार की है।”
“टीम में पुराने सदस्यों में विधायक खजान दास और मदन कौशिक को जगह दी गई है, जो पूर्व भाजपा सरकारों में कैबिनेट मंत्री रह चुके हैं। वहीं, रुद्रप्रयाग से भरत चौधरी, भीमताल से राम सिंह कैड़ा और रुड़की से प्रदीप बत्रा को पहली बार कैबिनेट में शामिल कर मंत्री पद मिला है।”
“सरकार और संगठन ने आगामी चुनाव को ध्यान में रखते हुए कैबिनेट विस्तार में क्षेत्रीय और जातीय संतुलन कायम किया है। इस बार हरिद्वार जिले से पहली बार दो मंत्री शामिल किए गए हैं। त्रिवेंद्र सरकार में मदन कौशिक संसदीय कार्य और शहरी विकास मंत्री थे; उनके हटने के बाद हरिद्वार का कैबिनेट में प्रतिनिधित्व समाप्त हो गया था। वहीं, नौ साल के बाद रुद्रप्रयाग जिले को फिर से कैबिनेट मंत्री मिला है।
उत्तराखंड के राजनीतिक इतिहास में यह हमेशा माना जाता रहा है कि प्रदेश में सरकार चाहे भाजपा की हो या कांग्रेस की, क्षेत्रीय संतुलन बनाए रखना जरूरी है। इस बार रुद्रप्रयाग विधानसभा से नया मंत्री नियुक्त हुआ है, जबकि त्रिवेंद्र सरकार में यह जिले कैबिनेट में प्रतिनिधित्व से वंचित था। सीएम धामी ने टीम इलेवन में संतुलन बनाकर 2027 के चुनाव में जीत की हैट्रिक के लिए रणनीति तैयार की है।”
“पांच नए मंत्रियों के सामने अब प्रदर्शन की बड़ी चुनौती है। मदन कौशिक और प्रदीप बत्रा के कंधों पर हरिद्वार जिले में भाजपा का प्रभाव बढ़ाने की जिम्मेदारी है, जहां अब 11 में से केवल तीन सीटें पार्टी के पास हैं, जबकि 2017 में 11 में से आठ सीटें भाजपा के नाम थीं।
वहीं, पार्टी ने भीमताल से राम सिंह कैड़ा को कैबिनेट में शामिल कर युवाओं तक अपनी पकड़ मजबूत करने की रणनीति अपनाई है। देहरादून जिले में भाजपा के पास 10 में से 9 सीटें हैं, लेकिन खजानदास के शामिल होने से दलित वोटबैंक को और मजबूती देने की कोशिश की जा रही है। गढ़वाल में पौड़ी और टिहरी के बाद अब रुद्रप्रयाग जिले को भी कैबिनेट में स्थान मिला है, ताकि रुद्रप्रयाग और आसपास के जिलों में पार्टी की साख मजबूत बनी रहे।”