
एसके विरमानी ऋषिकेश। कांग्रेस नेता जयेंद्र रमोला ने कहा कि जहां एक ओर केंद्र व प्रदेश सरकार हिंदुत्व व हिन्दू धर्म की बात करती हैं वही दूसरी और ऐतिहासिक धार्मिक व पर्यटन नगरी सहित चार धामों के मुख्य द्वार ऋषिकेश के ऐतिहासिक स्थलों को अनाथ के रूप में छोड़ रखा है ।
रमोला ने बताया कि ऋषिकेश और आस-पास का क्षेत्र केवल धार्मिक महत्व को ही नहीं बल्कि ऐतिहासिक व पौराणिक महत्व को भी समेटे हुए है।ऋषिकेश नगर निगम क्षेत्र में प्राचीन वीरभद्र महादेव के पास रम्भा नदी के किनारे, लगभग 2000 सालों का इतिहास समेटे इस उत्खनन स्थल तक पहुंचा जा सकता है।मूल रूप से नागा सम्प्रदाय के निरंजनी अखाड़े की इस भूमि में खेती के दौरान स्थल का पता लगा, इसके बाद पुरातत्वविद श्री. एन. सी. घोष की देख रेख में इस स्थल की 1973 से 1975 तक पुरातात्विक खुदाई की गयी थी । बताते हैं आठवीं सदी तक यहाँ महानगर हुआ करता था, कालांतर में अज्ञात कारणों से इस क्षेत्र की सभ्यता व संस्कृति लुप्त हो गयी, खेतों में प्राचीन अवशेष व छोटे-छोटे मंदिर इस स्थान पर मिलते थे लेकिन कुछ दशक पूर्व इस क्षेत्र में आश्रम निर्माण व अन्य निर्माणों की प्रक्रिया के दौरान इनका सही रूप में संरक्षण नही हुआ, कितनी ही दुर्लभ पुरातात्विक महत्व की वस्तुएं नष्ट हो गयीी। केवल ये छोटा सा हिस्सा ही पुरातत्व विभाग ने संरक्षित करके रखा है यहाँ पर दो शिवलिंग अभी भी मौजूद हैं अभी भी वहां पर एक हवन कुंड, किचन कच्ची और पक्की ईट सहित मंदिर के अवशेष मुद्राएं दीवारें इत्यादि मिली हैं गुप्त काल में यह उत्खनित स्थान प्रसिद्ध शैव तीर्थ था चीनी यात्री हृवेनसांग की यात्रा के दौरान भी यहाँ मंदिर और बौद्ध मठ थे।इस उत्खनन स्थल के ठीक सामने प्रसिद्ध वीरभद्र मंदिर है, जहॉं एक ओर भाजपा के लोग शिवलिंग ढूंढने की क़वायद कर रहे हैं वहीं दूसरी ओर ऐसा प्रतीत होता है कि यहां पर लगभग 2000 वर्ष पौराणिक दो शिवलिंग धर्म के नाम पर राजनीति करने वालों की बाट जोह रहे हैं। इस ओर सरकार का ध्यान नहीं जा रहा है क्या कारण है कि सरकार ये दोहरा रवैया अपना रही है जबकि यहां पार्षद, मेयर, विधायक, सांसद, मुख्यमंत्री से लेकर प्रधानमंत्री तक भाजपा के हैं क्यों इस पौराणिक, पुरातात्विक व धार्मिक स्थल को अनाथ छोड़ा है । रमोला ने बताया कि हमारा प्रदेश धार्मिक, पौराणिक पर्यटन प्रदेश है यहां देश विदेश से पर्यटक अध्यात्म और भक्ति भाव से आते हैं और ऋषिकेश चारधाम यात्रा का मुख्य द्वार है यहां पर ऐसा पौराणिक स्थल सरकार की लापरवाही से विलुप्त हो रहा जिसे सरकार को संरक्षित करना चाहिये यहां पर चार वर्ष पूर्व एक टिन शेड था परन्तु किसी कारण वह क्षतिग्रस्त होने के कारण आजतक पुन: निर्माण नहीं किया गया जिसके कारण यहां पर देखरेख कर रहे कर्मचारी को कडी धूप में रहना पड़ता है ।
कांग्रेस नेता ने मेयर, विधायक व मंत्री सांसद सहित मुख्यमंत्री से माँग है कि उत्तरप्रदेश के मुख्यमंत्री के धार्मिक शिलान्यास पर यहां ख़ुशियाँ मनाने व मिठाई बाँटने की बजाय यहां पर मौजूद पौराणिक शिवलिंग को संरक्षित कर पुर्नस्थापित करके मिठाई बाँटे साथ ही शीघ्र अतिशीघ्र इस पौराणिक स्थल को प्रचार प्रसार के माध्यम से पर्यटकों को लाने का काम करें ताकि ऋषिकेश नगर सहित उत्तराखण्ड को पर्यटकों का लाभ मिल सके ।