स्वास्थ्य सचिव ने बताया, मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और स्वास्थ्य मंत्री डॉ. धन सिंह रावत के निर्देश पर विभाग ने यात्रा मार्ग पर स्वास्थ्य सेवाओं की बेहतर व्यवस्था की है। यात्रा में हर साल श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ रही है। इनमें बड़ी संख्या में बुजुर्ग, हृदय व सांस रोगियों के अलावा पहाड़ी क्षेत्र में पहली बार आने वाले लोग भी होते हैं। इनके लिए उच्च हिमालयी क्षेत्रों में ठंड और ऑक्सीजन की कमी स्वास्थ्य संबंधी गंभीर जोखिम बन सकती है।
रुद्रप्रयाग, चमोली व उत्तरकाशी जिले में इस बार 49 स्थायी स्वास्थ्य केंद्र और 20 मेडिकल रिलीफ पोस्ट (एमआरपी) को सक्रिय किया गया है। इसके अलावा हरिद्वार, देहरादून, टिहरी और पौड़ी में भी स्वास्थ्य व्यवस्थाओं को मजबूत किया गया। यात्रा प्रारंभ वाले स्थानों पर 57 स्क्रीनिंग कियोस्क लगाए गए हैं। हरिद्वार, ऋषिकेश में दो-दो, विकासनगर में दो और पौड़ी के कालियासौड़ में एक नया स्क्रीनिंग सेंटर जोड़ा गया है।
केदारनाथ धाम में इस बार श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए 17 बेड का अस्पताल शुरू किया गया। इसके अलावा यात्रा मार्गों पर 31 विशेषज्ञ डॉक्टर, 200 मेडिकल ऑफिसर, 381 पैरामेडिकल स्टाफ तैनात हैं।