यमुनोत्री हाईवे पर सिलक्यारा-पोलगांव सुरंग का निर्माण अंतिम चरण में, 16 अप्रैल को आर-पार होने की उम्मीद
यमुनोत्री हाईवे पर बन रही सिलक्यारा-पोलगांव सुरंग का निर्माण कार्य अब अपने अंतिम चरण में पहुंच चुका है। लगभग 4.5 किलोमीटर लंबी यह सुरंग 16 अप्रैल 2025 को पूरी तरह से आर-पार कर दी जाएगी। इस ऐतिहासिक अवसर को यादगार बनाने के लिए एक भव्य कार्यक्रम का आयोजन भी किया जा रहा है, जिसमें मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और केंद्रीय राज्य सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी के शामिल होने की संभावना है।
निर्माण कार्य का अंतिम चरण
एनएचआईडीसीएल (नेशनल हाईवे और इन्फ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन लिमिटेड) और सुरंग निर्माण कार्य कर रही एजेंसी ने सुरंग को आर-पार करने की तैयारियों को अंतिम रूप देना शुरू कर दिया है। पोलगांव की ओर से सुरंग की खुदाई में अब केवल 5 मीटर का कार्य शेष रह गया है, जिसे अगले 4 दिनों में पूरा कर लिया जाएगा।
सुरंग के शुरू होने से मिलने वाले लाभ
एनएचआईडीसीएल के जीएम मोहम्मद शादाब ने जानकारी दी कि सुरंग का पूरी तरह से जुड़ने के बाद इसे एक वर्ष के भीतर आधुनिक सुविधाओं से लैस किया जाएगा, और फिर इसे आम यातायात के लिए खोल दिया जाएगा। इस सुरंग के खुलने से गंगा और यमुना घाटियों के बीच की दूरी लगभग 40 किलोमीटर कम हो जाएगी, जिससे यात्रियों को यात्रा में महत्वपूर्ण राहत मिलेगी।
सुरंग निर्माण में आईं चुनौतियाँ
सुरंग के निर्माण कार्य के दौरान एक बड़ा हादसा भी हुआ था। 2023 में, निर्माण के दौरान अचानक मलबा आ जाने से 41 मजदूर 17 दिनों तक सुरंग में फंसे रहे थे। इसके बाद दिन-रात चले रेस्क्यू ऑपरेशन के जरिए उन्हें सुरक्षित बाहर निकाला गया था। अब सुरंग का पूरा होना न केवल एक तकनीकी उपलब्धि है, बल्कि यह मानवीय जज्बे की भी मिसाल बन चुका है।
एक नई दिशा में यात्रा
सुरंग के निर्माण के पूरा होने से यमुनोत्री हाईवे पर यात्रा में सुधार होगा और यह क्षेत्र देश के अन्य हिस्सों से बेहतर तरीके से जुड़ सकेगा। स्थानीय नागरिकों और यात्रियों के लिए यह परियोजना बेहद फायदेमंद साबित होने वाली है, क्योंकि यह न केवल समय की बचत करेगी, बल्कि यात्रा को भी अधिक सुगम बनाएगी।