राजधानी देहरादून में अब वाहनों की फिटनेस जांच मैन्युअल तरीके से की जाएगी। यह निर्णय उत्तराखंड हाईकोर्ट द्वारा जारी स्टे आदेश के बाद लिया गया है। इस संबंध में केंद्रीय परिवहन मंत्रालय ने राज्य सरकार को पत्र भेजकर निर्देश जारी किए हैं। माना जा रहा है कि इस सप्ताह के अंत तक आरटीओ में मैन्युअल जांच प्रक्रिया शुरू हो सकती है।
ऑटोमेटेड फिटनेस सेंटर पर उठे सवाल
यह मामला तब उठा जब टैक्सी महासंघ और ऑटो यूनियन ने हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की। याचिकाकर्ताओं का कहना था कि देहरादून के वाहनों को 25 से 27 किलोमीटर दूर स्थित ऑटोमेटेड फिटनेस सेंटर भेजा जा रहा है, जो परिवहन नियमों के खिलाफ है। उनका तर्क था कि लंबी दूरी तय करने के दौरान यदि कोई दुर्घटना होती है, तो वाहनों का बीमा अमान्य हो सकता है।
इस पर हाईकोर्ट ने याचिकाकर्ताओं के पक्ष में स्टे आदेश जारी किया। इसके बाद, टैक्सी और ऑटो यूनियनों ने परिवहन मुख्यालय से मैन्युअल जांच फिर से शुरू करने की मांग की, जिस पर मुख्यालय ने मंत्रालय को पत्र भेजकर प्रक्रिया बहाल करने की अनुमति मांगी थी।
मंत्रालय ने दी मंजूरी
मंगलवार को केंद्रीय परिवहन मंत्रालय ने राज्य सरकार को पत्र भेजकर निर्देश दिए कि हाईकोर्ट के आदेश का पालन करते हुए देहरादून आरटीओ में मैन्युअल फिटनेस जांच बहाल की जाए। इससे शहर के हजारों वाहन मालिकों को राहत मिलने की उम्मीद है।
यूनियनों ने जताई संतुष्टि
ऑटो यूनियन अध्यक्ष पंकज अरोड़ा और टैक्सी मैक्सी महासंघ के प्रदेश अध्यक्ष सुंदर पंवार ने मंत्रालय के निर्णय का स्वागत करते हुए कहा कि यह फैसला वाहन चालकों के हित में एक सकारात्मक कदम है। उन्होंने मांग की कि मैन्युअल जांच प्रक्रिया को जल्द से जल्द लागू किया जाए, ताकि वाहन स्वामियों को अनावश्यक यात्रा और समय की बर्बादी से बचाया जा सके।