बदरी-केदार मंदिर समिति (बीकेटीसी) के मुख्य कार्याधिकारी विजय प्रसाद थपलियाल ने आज एक वर्चुअल बैठक में घोषणा की कि चारधाम यात्रा से पहले सभी विश्राम गृहों की व्यवस्थाओं में सुधार किया जाएगा। उन्होंने विश्राम गृहों के प्रबंधकों को आवश्यक निर्देश देते हुए कहा कि इस सुधार कार्य के तहत तीर्थयात्रियों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए कई कदम उठाए जाएंगे।
सीईओ विजय प्रसाद थपलियाल ने बैठक में कहा कि केदारनाथ धाम के कपाट 2 मई को और बदरीनाथ धाम के कपाट 4 मई को खुलेंगे। यात्रा के मद्देनजर, बीकेटीसी की योजना है कि सभी विश्राम गृहों में सौंदर्यीकरण, विद्युत सुविधाओं में सुधार, पेयजल व्यवस्था, स्वच्छता, आवासीय सुविधाओं की वृद्धि, और सीसीटीवी लगाने का कार्य किया जाएगा। इन सुधारों का मुख्य उद्देश्य तीर्थयात्रियों को अधिक आरामदायक और सुरक्षित वातावरण प्रदान करना है।
बैठक में, विजय प्रसाद थपलियाल ने विश्राम गृहों के प्रबंधकों से संवाद किया और उनकी समस्याओं को सुना। उन्होंने कहा कि सभी विश्राम गृहों में मूलभूत सुविधाओं को दुरुस्त किया जाएगा, ताकि तीर्थयात्रियों को किसी भी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े।
बैठक में अधिशासी अभियंता अनिल ध्यानी ने भी बताया कि यात्रा से पहले सभी विश्राम गृहों की सुविधाओं को सुधारने के लिए व्यापक योजनाएं बनाई गई हैं। उन्होंने आश्वासन दिया कि इन सुधारों को समय पर पूरा किया जाएगा।
इस बैठक में देहरादून, ऋषिकेश, पौड़ी, टिहरी, देवप्रयाग, श्रीनगर, रुद्रप्रयाग, गुप्तकाशी, सोनप्रयाग, चमोली, नंदप्रयाग, पीपलकोटी, जोशीमठ और बदरीनाथ धाम स्थित विश्राम गृहों के व्यवस्थापकों ने अपनी समस्याओं और सुझावों को सीईओ के सामने रखा।
बैठक में सहायक अभियंता गिरीश देवली, विपिन तिवारी, मीडिया प्रभारी डॉ. हरीश गौड़, इंटरनेट कोऑर्डिनेटर दीपेंद्र रावत, और कुलदीप नेगी भी मौजूद थे।