उत्तराखंड में संविदा पर नियुक्त 279 कोचों को आगामी 15 अप्रैल से फिर से बहाल किया जाएगा। ये कोच राज्य में होने वाले 38वें राष्ट्रीय खेलों की तैयारियों में अहम भूमिका निभाएंगे। सरकार और खेल विभाग ने बजट संकट के बावजूद अन्य विभागों के अप्रयुक्त बजट से वेतन की व्यवस्था करने का फैसला लिया है।
बजट संकट से कोचों की सेवाएं प्रभावित
खेल विभाग को 2025-26 के बजट में कोचों के वेतन के लिए ₹11 करोड़ की स्वीकृति मिली थी, लेकिन सरकार को अब तक सिर्फ ₹10 लाख की राशि ही प्राप्त हुई। इसी के चलते 28 फरवरी को इन कोचों की सेवाओं को एक माह के लिए स्थगित कर दिया गया था।
अब, खेल विभाग ने अंतरिम रूप से अन्य विभागों के बचे बजट से ₹20 करोड़ की व्यवस्था करने की प्रक्रिया शुरू की है, ताकि कोचों को फिर से बहाल किया जा सके और राज्य की खेल गतिविधियों पर कोई असर न पड़े।
कोचों का वेतन होगा पुनः चालू
विशेष प्रमुख सचिव, खेल एवं युवा कल्याण अमित सिन्हा के अनुसार, “कोचों को 15 अप्रैल से बहाल किया जा रहा है। उनका वेतन फिलहाल अन्य विभागों के बजट से दिया जाएगा। हां, भुगतान में कुछ देरी हो सकती है, लेकिन अनुपूरक बजट मिलते ही समस्या हल कर दी जाएगी।”
राष्ट्रीय खेलों की तैयारियों में कोचों की अहम भूमिका
राज्य में खेल गतिविधियां लगातार जारी हैं और राष्ट्रीय स्तर की कई प्रतियोगिताएं आगामी महीनों में प्रस्तावित हैं। ऐसे में कोचों की बहाली से प्रशिक्षण और खिलाड़ियों की तैयारी को नई गति मिलेगी।
पृष्ठभूमि:
कोचों की संख्या: 279 (संविदा पर नियुक्त)
सेवाएं स्थगित: 28 फरवरी 2025
फिर से बहाली: 15 अप्रैल 2025 से
वेतन संकट: ₹11 करोड़ की मांग, सिर्फ ₹10 लाख प्राप्त
वर्तमान वैकल्पिक व्यवस्था: ₹20 करोड़ की व्यवस्था अन्य विभागों के बजट से