उत्तराखंड में सहकारिता के क्षेत्र को सशक्त बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल करते हुए सहकारिता मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने बुधवार को राज्य सहकारी संघ सभागार में आयोजित एक विशेष कार्यशाला का उद्घाटन किया। यह कार्यशाला “Cooperative: Build a Better World” थीम पर आधारित थी और इसका आयोजन अंतर्राष्ट्रीय सहकारिता वर्ष–2025 के उपलक्ष्य में किया गया।
सहकारिता के माध्यम से समृद्धि की ओर
कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्वलन के साथ हुआ, जिसमें डॉ. रावत के साथ अपर सचिव एवं रजिस्ट्रार सहकारिता सोनिका, नाबार्ड के महाप्रबंधक सुमन कुमार, और आईसीएम निदेशक अनिल तिवारी उपस्थित रहे।
अपने संबोधन में डॉ. रावत ने कहा,
“हमारी सरकार सहकारिता को गांव, गरीब और किसान की रीढ़ बना रही है। सहकारिता के माध्यम से हम राज्य की अर्थव्यवस्था को मजबूत कर रहे हैं।”
उन्होंने बताया कि राज्य में अब तक ₹10.22 हजार करोड़ का ऋण वितरण किया जा चुका है और 1 लाख महिलाओं को “लखपति दीदी” बनाने में सरकार को सफलता मिली है।
सहकारी समितियों का डिजिटल परिवर्तन
डॉ. रावत ने प्रदेश में सहकारी समितियों के कंप्यूटरीकरण की प्रगति को रेखांकित करते हुए बताया कि उत्तराखंड का यह मॉडल देशभर में सराहना पा रहा है। उन्होंने कहा कि सहकारिता के माध्यम से मिलेट्स मिशन योजना को भी गति मिली है, जिसके तहत मंडुवा और झंगोरा की खरीद दर ₹18 से बढ़ाकर ₹42 प्रति किलो कर दी गई है।
नई समितियों का गठन और जैविक खेती को बढ़ावा
मंत्री ने बताया कि 30 मार्च तक 400 बहुउद्देशीय समितियां ग्राम सभा स्तर पर गठित की जाएंगी। उन्होंने कहा कि इन समितियों के माध्यम से 10.5 लाख किसानों से सीधे जुड़ने का लक्ष्य है। साथ ही, उन्होंने 42 पहाड़ी ब्लॉकों में शत-प्रतिशत जैविक खेती को बढ़ावा देने की दिशा में भी ठोस योजना प्रस्तुत की।
अन्य वक्ताओं का योगदान
अपर सचिव सोनिका ने सहकारिता वर्ष–2025 के आयोजन के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा:
“सभी सहकारी संस्थाएं पारदर्शिता और जिम्मेदारी के साथ कार्य करें ताकि इनकी विश्वसनीयता और मजबूती बढ़ सके।”
नाबार्ड के जीएम सुमन कुमार ने सहकारी समितियों को आर्थिक सशक्तिकरण और सामाजिक समावेशन का माध्यम बताते हुए उत्तराखंड सरकार की पहलों की सराहना की।
पत्रिका विमोचन और समापन
कार्यक्रम के अंत में उत्तराखंड राज्य सहकारी बैंक की वार्षिक पत्रिका का विमोचन किया गया। सफल संचालन संयुक्त निबंधक मंगला त्रिपाठी और धन्यवाद ज्ञापन अपर निबंधक आनंद शुक्ल द्वारा किया गया।
इस अवसर पर प्रदेशभर से आए सहकारी बैंकों के शाखा प्रबंधक, समितियों के प्रतिनिधि, अधिकारी एवं कर्मचारी बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।