उत्तराखंड के वुशु खिलाड़ियों ने 38वें राष्ट्रीय खेलों में शानदार प्रदर्शन करते हुए 1 स्वर्ण, 3 रजत और 8 कांस्य पदक जीतकर नया रिकॉर्ड स्थापित किया है। यह राज्य के खेल इतिहास में वुशु के क्षेत्र में अब तक का सबसे बेहतरीन प्रदर्शन है। राज्य गठन के बाद 6 राष्ट्रीय खेलों में वुशु में कभी ऐसा प्रदर्शन नहीं हुआ।
राष्ट्रीय खेलों के शुरुआत होते ही उत्तराखंड के वुशु खिलाड़ियों ने पदक तालिका में अपनी स्थिति मजबूत कर ली। राज्य की बेटी ज्योति वर्मा ने कांस्य पदक जीतकर राज्य की झोली में पहला पदक डाला। इसके बाद, अचोम तपस ने स्वर्ण पदक जीतकर पूरे राज्य को गर्व महसूस कराया। इसके अलावा, इलाबाम इटाली चानू, फेब्रिस देवी और हर्षित शर्मा ने रजत पदक जीतकर राज्य को राष्ट्रीय पदक तालिका में टॉप 11 में पहुंचा दिया।
इस बार वुशु प्रतियोगिता में राज्य को कुल 12 पदक मिले, जिसमें 1 स्वर्ण, 3 रजत और 8 कांस्य पदक शामिल हैं। 2023 में गोवा में हुए राष्ट्रीय खेलों में राज्य को सिर्फ एक कांस्य पदक मिला था, जिसे हर्षित शर्मा ने जीता था। वहीं, इस बार हर्षित शर्मा ने रजत पदक जीता और राज्य की पदक tally को और मजबूत किया।
वुशु प्रतियोगिता में 23 राज्यों के 390 खिलाड़ियों ने भाग लिया और कुल 136 पदक, जिसमें 39 स्वर्ण पदक भी शामिल थे, जीते गए। प्रतियोगिता 28 जनवरी से शुरू होकर पांच दिन चली और इसमें उत्तराखंड के खिलाड़ियों ने जबरदस्त मेहनत और कौशल का प्रदर्शन किया।
प्रशिक्षण और संघर्ष की कहानी
वुशु में भाग लेने वाले कई खिलाड़ी 2016-17 से प्रशिक्षण ले रहे थे और उन्हें मुफ़्त में प्रशिक्षण दिया गया। शुरुआती दौर में हॉल की कमी के कारण उन्हें यमुना कॉलोनी स्थित हॉल में प्रशिक्षण लेना पड़ा, लेकिन इस कठिनाई के बावजूद खिलाड़ियों ने अपनी मेहनत और संघर्ष से यह उपलब्धि हासिल की।
कोच अंजना रानी ने कहा, “शुरुआत में कुछ दिक्कतें आईं, लेकिन बच्चों ने जबरदस्त मेहनत की और अब उनकी मेहनत रंग लाई है।”
नए कीर्तिमान की ओर बढ़ता उत्तराखंड
इस प्रकार, उत्तराखंड ने अपने वुशु खिलाड़ियों के शानदार प्रदर्शन से एक नई मिसाल कायम की है और खेलों के इतिहास में अपना नाम दर्ज कराया है। यह राज्य के लिए एक गर्व का पल है, और अब वुशु के क्षेत्र में उत्तराखंड की पहचान एक मजबूत ताकत के रूप में उभर रही है।