आगामी चारधाम यात्रा के मद्देनजर परिवहन विभाग ने तैयारियां तेज कर दी हैं। इस बार यात्रा मार्गों पर सुरक्षा और निगरानी को और मजबूत किया जाएगा। सभी चेकपोस्ट पर प्रवर्तन दल तैनात किए जाएंगे, जो वाहनों की जांच करेंगे और नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कार्रवाई करेंगे।
परिवहन विभाग ने चेकपोस्टों को दुरुस्त करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है, और कर्मचारियों की ड्यूटी भी रोस्टर के हिसाब से लगाई जाएगी। विभाग ने यात्रा के दौरान जीपीएस डिवाइस की अनिवार्यता पर भी जोर दिया है। सार्वजनिक यातायात वाहनों में जीपीएस डिवाइस लगाने की प्रक्रिया को इस बार सख्ती से लागू किया जाएगा।
मुख्य चेकपोस्टों जैसे विकासनगर-यमुना पुल मार्ग, बाड़वाला, भद्रकाली, तपोवन, कुठालगेट, और सोनप्रयाग में टैक्सी, मिनी बस और अन्य व्यावसायिक वाहनों की चेकिंग की जाएगी। इसके अलावा, ग्रीन परमिट की प्रक्रिया भी ऑनलाइन ही जारी रहेगी, जिससे यात्रा में आने वाले वाहनों की पंजीकरण और अनुमति की प्रक्रिया और भी सरल होगी।
इस बार दूसरे राज्यों से आने वाले व्यावसायिक वाहन चालकों को परिवहन विभाग की परीक्षा भी पास करनी होगी। यह परीक्षा पहाड़ी इलाकों में वाहन चलाने की दक्षता, ड्राइविंग स्किल्स, सड़क सुरक्षा नियमों और वाहन संचालन से संबंधित सवालों पर आधारित होगी। परीक्षा में असफल होने वाले चालकों को एक और मौका मिलेगा।
सोमवार को मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने चारधाम यात्रा की तैयारियों को लेकर आयोजित बैठक में परिवहन विभाग को कड़े निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि यात्रा मार्गों पर प्रवर्तन के साथ ही सुरक्षा और व्यवस्था को सुनिश्चित किया जाए, ताकि दुर्घटनाओं की संभावना को कम किया जा सके और श्रद्धालुओं को सुरक्षित यात्रा का अनुभव हो सके।