मुख्यमंत्री महिला स्वयं सहायता समूह सशक्तिकरण योजना के तहत प्रदेश सरकार ने महिलाओं को स्वरोजगार के और अधिक अवसर प्रदान करने के लिए कई अहम फैसले लिए हैं। इसके अंतर्गत अल्मोड़ा जिले के हवालबाग और पौड़ी जिले के कोटद्वार में रूरल बिजनेस इन्क्यूबेटर खोले जाएंगे। प्रत्येक सेंटर के लिए सरकार द्वारा 25 लाख रुपये की राशि दी जाएगी।
इसके साथ ही क्लस्टर स्तरीय संगठन में महिला व्यावसायिक गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए 15.40 करोड़ रुपये की राशि भी मंजूर की गई है।
मुख्यमंत्री स्वयं सहायता समूह सशक्तिकरण योजना में नए प्रावधानों को शामिल करने के लिए कैबिनेट ने मंजूरी दे दी है, जिससे अब प्रदेश की महिलाओं को स्वरोजगार के क्षेत्र में और अधिक अवसर मिलेंगे। इस योजना के तहत 2.30 करोड़ रुपये की धनराशि भी मंजूर की गई है। इसके अलावा, डिजिटल मैनेजमेंट इंफॉर्मेशन सिस्टम के लिए 75 लाख रुपये और राष्ट्रीय स्तर पर राज्य में आयोजित होने वाले दो सरस मेलों के आयोजन के लिए प्रति मेला 11.12 लाख रुपये की धनराशि प्रदान की जाएगी।
गौरतलब है कि ग्राम्य विकास विभाग के माध्यम से राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत 2016 में मुख्यमंत्री स्वयं सहायता समूह सशक्तिकरण योजना की शुरुआत की गई थी। इसके तहत महिलाओं को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने के उद्देश्य से विभिन्न पहल की जा रही हैं, और अब नए प्रावधानों के तहत महिलाओं को स्वरोजगार के क्षेत्र में बेहतर अवसर मिलने की उम्मीद है।