अधिसूचना में कहा गया है कि कैंसर सार्वजनिक स्वास्थ्य के लिए एक गंभीर समस्या बनकर उभर रहा है, लेकिन इस बीमारी को लेकर प्रभावी रिपोर्टिंग प्रणाली की कमी बनी हुई है।
“अब सभी सरकारी और निजी अस्पताल, नर्सिंग होम और क्लीनिकों के लिए यह अनिवार्य होगा कि वे कैंसर के मरीजों, उनके उपचार, कैंसर के प्रकार और मृत्यु का विवरण स्वास्थ्य विभाग को दर्ज करें। इस संबंध में स्वास्थ्य विभाग ने नई अधिसूचना जारी कर दी है।”
“सचिव स्वास्थ्य सचिन कुर्वे की ओर से जारी अधिसूचना में बताया गया है कि कैंसर सार्वजनिक स्वास्थ्य के लिए एक गंभीर चुनौती बनता जा रहा है। हालांकि, कैंसर मामलों की रिपोर्टिंग की कोई ठोस प्रणाली मौजूद नहीं है। रोग के नियंत्रण, प्रबंधन और निदान के लिए निगरानी और मूल्यांकन तंत्र की आवश्यकता को ध्यान में रखते हुए, महामारी अधिनियम के तहत कैंसर को अधिसूचित रोग घोषित कर दिया गया है।”
“इस अधिसूचना के तहत अब सरकारी और निजी अस्पताल, मेडिकल कॉलेज, लैब और नर्सिंग होम के लिए यह अनिवार्य होगा कि वे हर नए कैंसर मामले की जानकारी सरकार को उपलब्ध कराएँ। कैंसर मरीजों, उनके उपचार और मृत्यु का डेटा एकत्र होने से रोग के नियंत्रण और निगरानी में मदद मिलेगी।”