देहरादून | जून 2024 में ज़मीन खरीदने के बाद एक वर्ष से दाखिल-खारिज की प्रक्रिया के लिए भटक रही ओगल भट्टा निवासी किरन देवी को आखिरकार जिलाधिकारी सविन बंसल के संज्ञान लेने के बाद राहत भी मिली। डीएम के निर्देश पर मात्र 3 दिनों में दाखिल-खारिज का आदेश जारी कर दिया गया और ज़मीन महिला के नाम दर्ज भी हो गई।
मामला क्या था?
किरन देवी, जिनके पति अर्द्धसैनिक बल में कार्यरत हैं, ने शीशमबाड़ा में 0.00082 हेक्टेयर भूमि जून 2024 में खरीदी थी। लेकिन दाखिल-खारिज की प्रक्रिया में वकीलों व कार्यालयी चक्कर काटने के बावजूद कोई हल ही नहीं निकला।
उन्होंने 1 अगस्त 2025 को जिलाधिकारी कार्यालय में प्रत्यक्ष रूप से अपनी समस्या भी रखी। किरन का आरोप था कि वकील व पीएनबी एजेंट समेत सभी लोग टालमटोल कर रहे हैं और कोई स्पष्ट जवाब ही नहीं दे रहे।
डीएम ने लिया त्वरित एक्शन
डीएम सविन बंसल ने मामले की गंभीरता को देखते हुए उसी दिन तहसीलदार विकासनगर से रिपोर्ट तलब की और 3 दिन में कार्रवाई के निर्देश दिए। निर्धारित समय में दाखिल-खारिज की कार्यवाही पूरी कर, भूमि किरन देवी के नाम दर्ज भी कर दी गई।
डीएम का सख्त निर्देश
जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि निर्विवाद विरासतन और दाखिल-खारिज जैसे मामलों में अनावश्यक देरी नहीं होनी चाहिए। सभी मामलों पर निर्धारित समयावधि में निष्पक्ष व पारदर्शी कार्रवाई भी सुनिश्चित की जाए।